#अपराध
December 17, 2025
हिमाचल में वर्दी वाले भी बेच रहे चिट्टा: 9 विभागों की लिस्ट जारी, CM ने सस्पेंड करने के दिए निर्देश
बिजली-पानी-शिक्षा तक नशे की घुसपैठ, सुक्खू सरकार के लिए बड़ी चुनौती
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रहे चिट्टे के मामलों ने सरकार की नींद उड़ा कर रखी है। वहीं, सबसे बड़ी चिंता का विषय ये है कि आम तस्करों के साथ-साथ कई ऐसे सरकारी कर्मी भी हैं जो नशे के इस गलत रास्ते पर चल पड़े हैं और सरकार की मदद करने के बजाए ये कर्मचारी हिमाचल को चिट्टा मुक्त करने की मुहिम में सबसे बढ़ा रोड़ा है।
प्रदेश का ऐसा कोई विभाग नहीं जो नशे की गिरफ्त में ना आया हो। शिक्षा विभाग से लेकर बिजली-पानी और पुलिस विभाग के कई कर्मचारी नशा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार हो चुके हैं। HRTC के कई कर्मी नशे के गोरखधंधे में लिप्त है। वहीं, फौज की वर्दी पहन कई जवान उस वर्दी और काम का नाम खराब कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस ने एक्शन लेते हुए 9 ऐसे विभागों की सूची बना दी है, जिसमें सबसे ज्यादा कर्मचारी चिट्टे या फिर किसी अन्य तरह के नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए हैं।
विभाग द्वारा तैयार की गई इस लिस्ट में 15 ऐसे पुलिस कर्मी है जो नशे के सौदागरों को जेल पहुंचाने के बजाए खुद ही तस्करी का काम करते पकड़े गए हैं। सरकार पूरे प्रदेश के 15 ऐसे पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के मूड में है। माना जा रहा है कि पुलिस कर्मियों के साथ ही जो अन्य कर्मी चिट्टे या नशीले पदार्थों के साथ पकड़े गए हैं, उनके सस्पेंशन की तैयारी की जा रही है।
प्रदेश भर में 60 ऐसे कर्मी है जो नशे संग पकड़े गए हैं। वहीं, जिला मंडी का एक आंकड़ा कहता है कि यहां 15 सरकारी कर्मचारी नशे की खेप के साथ गिरफ्तार किए गए हैं। ऐसे में जिला SP मंडी साक्षी वर्मा के अनुसार रिपोर्ट उच्च अधिकारियों और सरकार को भेज दी गई है।
नौ सरकारी विभागों की एक चौंकाने वाली सूची सामने आई है, जिसमें ऐसे कर्मचारी शामिल हैं जिन्हें नशे से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है। हैरानी की बात यह है कि इनमें विद्युत बोर्ड, जलशक्ति विभाग और यहां तक कि भारतीय सेना से जुड़े कर्मचारी भी पाए गए हैं। यानी जिन पर बिजली, पानी और देश की सुरक्षा जैसी अहम जिम्मेदारियां थीं, वही नशे की अवैध कमाई के जाल में फंसे नजर आए।
पुलिस महकमा भी इस सूची से अछूता नहीं रहा। इसके अलावा शिक्षा, राजस्व, पीडब्ल्यूडी, बागवानी और एचआरटीसी जैसे विभागों के नाम भी इस शर्मनाक फेहरिस्त में दर्ज हैं, जिसने पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।