#राजनीति
August 30, 2025
सीएम सुक्खू बोले- हेलिकॉप्टर से निकाले जाएंगे श्रद्धालु, हर हाल में सुरक्षित घर पहुंचाएंगे
घर तक सुरक्षित पहुंचाएगी सरकार
शेयर करें:
चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के मणिमहेश यात्रा मार्ग पर खराब मौसम और आपदा के कारण फंसे श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने के लिए सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शनिवार को चंबा दौरे पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी और मौसम अनुकूल रहा तो छोटे हेलिकॉप्टरों के माध्यम से भी रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
यह भी पढ़ें : राहत सामग्री लेकर चंबा पहुंचे CM सुक्खू ने किया हवाई सर्वेक्षण, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
सीएम सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार हर श्रद्धालु को उसके घर तक सुरक्षित पहुंचाएगी। मणिमहेश में फंसे श्रद्धालुओं को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए विशेष बस सेवाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा, अस्थायी शिविरों में खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई है, ताकि किसी को भी कोई असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने जानकारी दी कि इस बार वर्ष 2023 की तुलना में यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या थोड़ी कम रही, लेकिन प्राकृतिक आपदा से हुआ नुकसान कहीं ज्यादा गंभीर है। विशेषकर सड़क नेटवर्क और पेयजल योजनाओं को भारी क्षति पहुंची है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जाएगी और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।
यह भी पढ़ें : सीएम का तंज: आपदा ने तबाह कर दिया हिमाचल, पर केंद्र की झोली से नहीं निकला विशेष राहत पैकेज
सीएम सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार का पूरा अमला राहत कार्यों में जुटा हुआ है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने पैदल रास्ता तय करके भरमौर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह खुद मौके पर मौजूद रहकर हालात पर नजर बनाए हुए हैं। विधानसभा अध्यक्ष भी NHAI के अधिकारियों के साथ बैठक कर सड़क बहाली के निर्देश दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष ऐसे संवेदनशील समय में भी राजनीति करने से बाज नहीं आ रहा। उन्होंने कहा 2023 की आपदा के दौरान बीजेपी विधानसभा शुरू करने की मांग कर रही थी और आज वही पार्टी विधानसभा भंग करने की बातें कर रही है। इस तरह की बयानबाजी से बचना चाहिए और मिलकर प्रदेशवासियों की मदद करनी चाहिए।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : बेखौफ हुए चोर, असिस्टेंट कमिश्नर के घर में दूसरी बार की चोरी; लाखों का उड़ाया सामान
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा, राहत और पुनर्वास है। सड़कें, पुल, पेयजल योजनाएं और बिजली आपूर्ति को दोबारा सुचारू करने के लिए हर विभाग को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम व्यक्ति को सुरक्षित घर नहीं पहुंचाया जाता, सरकार चैन से नहीं बैठेगी।
चंबा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने चमेरा स्थित एनएचपीसी भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह, चंबा विधायक नीरज नैय्यर, विधायक सुरेश कुमार, पूर्व मंत्री आशा कुमारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्यमंत्री ने आपदा राहत कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अवरुद्ध सड़कों को यथाशीघ्र बहाल किया जाए और प्रभावित परिवारों को त्वरित सहायता प्रदान की जाए।
सीएम का तंज: आपदा ने तबाह कर दिया हिमाचल, पर केंद्र की झोली से नहीं निकला विशेष राहत पैकेज
24 से 26 जुलाई के बीच चंबा जिले में हुई मूसलधार बारिश ने तबाही मचाई है। रावी नदी के तेज बहाव ने सलूण गांव में 7 घर बहा दिएए जबकि अन्य कई घरों को खतरा बना हुआ है। चंबा.भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग-154। समेत कई संपर्क मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। मोबाइल नेटवर्क, बिजली और जल आपूर्ति जैसी मूलभूत सुविधाएं कई स्थानों पर अभी तक बहाल नहीं हो पाई हैं। डलहौजी के विधायक डीएस ठाकुर ने जानकारी दी कि उनके क्षेत्र में एक ही दिन में छह स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं हुईंए जिससे 50 से अधिक घर प्रभावित हुए हैं और कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: निजी गैस्ट हाउस में लड़कियों के जिस्म की लग रही थी बोली, पहुंच गई पुलिस; एक धरा
मुख्यमंत्री के दौरे से एक दिन पहले, मंत्री जगत सिंह नेगी और PWD मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चंबा जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मंत्री नेगी ने डलहौजी और भरमौर क्षेत्र में पैदल चलकर हालात का जायज़ा लिया और प्रभावित लोगों से मिलकर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि कई जगह राहत पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है।
ये भी पढ़ें: हिमाचल में तीर्थस्थलों पर आपदा : गंदगी और भीड़ से नाराज है देव शक्तियां, जानें पूरी खबर
बता दें कि हिमाचल के चंबा जिला में भारी तबाही हुई है। भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड और नालों में आई बाढ़ के चलते मणिमहेश यात्रा पर आए हजारों श्रद्धालु मणिमहेश यात्रा मार्ग और भरमौर में फंसे हुए हैं। हालांकि मणिमहेश यात्रा मार्ग पर एसडीआरएफ की टीमें लगातार लोगों को रेस्क्यू कर रही हैं। लेकिन बार बार हो रही भारी बारिश रेस्क्यू अभियान में बाधा उत्पन्न कर रही है।
भरमौर में फंसे हजारों श्रद्धालु बीते रोज शुक्रवार को पैदल ही चंबा के लिए निकल पड़े हैं। हालांकि चंबा से भरमौर तक की सड़क का कई जगह नामोनिशान मिट चुका है। ऐसे में इन श्रद्धालुओं को चंबा पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
यह भी पढ़ें : CAG ने OPS पर सुक्खू सरकार को चेताया, हिमाचल के खाली खजाने का रखें ध्यान
मणिमहेश यात्रा में अब तक 23 लोगों की मौत की सूचना है। बीते रोज तक यह संख्या 22 थी, लेकिन आज एसडीआरएफ को एक और व्यक्ति का शव मिला है। एसडीआरएफ की टीम जब वाया कुगती परिक्रमा मार्ग से आठ लोगों को रेस्क्यू कर रही थी, वहीं पर उन्हें एक व्यक्ति का शव मिला। एसडीआरएफ एसपी अर्जित सेन ने बताया कि एक अन्य टीम कुगती मार्ग से परिक्रमा वाले रास्ते पर भी पहुंची। इस टीम ने राहत अभियान के दौरान 8 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया और एक शव बरामद किया।