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August 30, 2025

हिमाचल में तीर्थस्थलों पर आपदा : गंदगी और भीड़ से नाराज है देव शक्तियां, जानें पूरी खबर

हिमाचल में तीर्थस्थलों पर आपदा का कहर, मणिमहेश में हजारों श्रद्धालु फंसे

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Manimahesh flash flood

शिमला हिमाचल प्रदेश में इस साल भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि जिन तीर्थस्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है, वहां बादल फटने और फ्लैश फ्लड की घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। लोग अब इस बात की चर्चा कर रहे हैं कि देवस्थान अब पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहे। वहीं, गंदगी फैलने से स्थानीय इको सिस्टम भी प्रभावित हो रहा है।

श्रीखंड महादेव में आपदा का अनुभव

प्रदेश के कुल्लू जिले में स्थित श्रीखंड महादेव तीर्थ स्थल इस समय खास चिंता का विषय बन चुका है। यहां हर साल जुलाई में लगभग 32 किलोमीटर की पैदल यात्रा होती है और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। पिछले साल 31 जुलाई 2024 को चोटी पर बादल फटने के कारण शिमला के रामपुर समेज में बाढ़ आई थी, जिसमें 36 लोग लापता हुए थे और 21 आज भी नहीं मिले। निरमंड के बाघी में भी बाढ़ से कई लोगों की मौत हो चुकी है।

 

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किन्नर कैलाश यात्रा स्थगित

किन्नौर जिले में किन्नर कैलाश यात्रा इस साल भारी बारिश और फ्लैश फ्लड की वजह से स्थगित करनी पड़ी। एनडीआरएफ और सेना की टीमों ने हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकालने में मदद की। स्थानीय लोग और देववाणी अब इस यात्रा को लेकर चिंतित हैं क्योंकि गंदगी और पर्यावरणीय नुकसान बढ़ रहे हैं।

मणिमहेश में गंदगी और भीड़ की चुनौती

मणिमहेश में हर साल छह से सात लाख श्रद्धालु यात्रा करते हैं। यात्रा के बाद लगभग 13 किलोमीटर के ट्रैक पर भारी मात्रा में कचरा फैलता है। बीते 25 जुलाई को हड़सर से लेकर डल झील तक नौ दिनों के विशेष सफाई अभियान में 5.61 टन कचरा साफ किया गया। धनछो और गौरीकुंड में भारी मात्रा में कचरा जमा होता है, जिसे स्वयंसेवकों ने 521 बैग में इकट्ठा किया।

 

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विशेषज्ञों की राय

हिमाचल प्रदेश के पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. सुरेश अत्री के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण हवा में नमी की क्षमता बदल रही है। इससे अचानक भारी बारिश और फ्लैश फ्लड जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। पहाड़ी इलाकों में ‘ओरोग्राफिक लिफ्टिंग’ के कारण गर्म हवा ऊपर उठकर ठंडी होकर तेज बारिश करती है।

लोकल नेता और प्रशासन की प्रतिक्रिया

भरमौर के विधायक डॉक्टर जनक राज ने कहा कि मणिमहेश यात्रा अध्यात्म और साधना की यात्रा है और देवस्थान की पवित्रता बनाए रखना सभी की नैतिक जिम्मेदारी है।

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