#विविध

August 26, 2025

हिमाचल विधानसभा में राजस्व मंत्री और विपक्ष के बीच तल्खी बढ़ी, "पनौती" शब्द से मचा बवाल

नेगी बोले-जयराम BJP के लिए पनौती, ठाकुर बोले सरकार-मंत्री पर फिट बैठता है शब्द

शेयर करें:

jagat singh Negi jairam thakur

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग लगातार तीखी होती जा रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और विपक्ष विशेषकर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बीच आरोप.प्रत्यारोपों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अब यह बहस महज नीति या कार्यक्रमों तक सीमित न रहकर सीधे.सीधे व्यक्तिगत टिप्पणियों और असंसदीय भाषा के आरोपों तक पहुंच चुकी है।

 

यह भी पढ़ें : सीएम सुक्खू ने भाजपा नेताओं पर कसा तंज: कहा- 'एक तरफ चोरी-ऊपर से सीना ज़ोरी' पढ़ें ऐसा क्यों कहा

 

मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान उस समय हालात तनावपूर्ण हो गए जब राजस्व मंत्री नेगी ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के तहत अपनी बात रखनी चाही। विपक्ष ने इस पर कड़ा विरोध जताया और सदन में जमकर हंगामा हुआ। कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।

नेगी का पलटवार, सच सुनना नहीं चाहता विपक्ष

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि संविधान उन्हें सदन में बोलने का अधिकार देता है, लेकिन विपक्ष केवल अपनी बात थोपना चाहता है और सच का सामना नहीं कर पा रहा है। नेगी ने दावा किया कि विपक्ष खुद कई गुटों में बंटा हुआ है। एक गुट सदन का बहिष्कार कर रहा है जबकि दूसरा उनसे प्रश्न पूछना चाहता है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: सड़क से फिसली यात्रियों से भरी बस क्रैश बैरियर से अटकी, मची चीख पुकार

नेगी ने जयराम को बताया पनौती

नेगी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी सीधा हमला करते हुए कहा कि जब वे सदन में अनुपस्थित थे, तब कार्यवाही शांतिपूर्ण ढंग से चली, विपक्ष ने उनसे सवाल भी किए। लेकिन उनके आते ही विपक्ष का रवैया बदल गया और व्यवधान शुरू हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जयराम ठाकुर न केवल मुख्यमंत्री रहते प्रदेश की आर्थिक स्थिति सुधारने में असफल रहे, बल्कि अब पूरे प्रदेश और भाजपा के लिए पनौती बन गए हैं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: उफनती ब्यास कुछ घंटों में निगल गई 20 घर, दुकानें, रेस्टोरेंट; पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंचा पानी

विपक्ष का तीखा हमला, नेगी की भाषा मर्यादाओं के खिलाफ

दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि विपक्ष राजस्व मंत्री की बात सुनने के लिए बाध्य नहीं है, क्योंकि उनकी भाषा और व्यवहार सदन की गरिमा के अनुकूल नहीं हैं। जयराम ने सरकार पर आपदा प्रबंधन में विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब राज्य गंभीर प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है, तब सरकार और उसके मंत्री राजनीतिक बयानबाज़ी में व्यस्त हैं।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल: एक साथ दो पंचायतों में फटा बादल, सड़कें, 4 पुल टूटे; गौशालाएं गिरी- घरों में घुसा मलबा

 सरकार और नेगी पर फिट बैठता है ये शब्द

जयराम ठाकुर ने भी 'पनौती' शब्द को दोहराते हुए कहा,  कि यह शब्द इस सरकार और राजस्व मंत्री पर पूरी तरह से साबित होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सदन की कार्यवाही केवल एक मंत्री के कारण बाधित हुई, जिससे यह स्पष्ट है कि सरकार के अंदर संवाद और समन्वय की भारी कमी है।

यह भी पढ़ें : हिमाचल में भारी बारिश से धंसने लगी जमीन, 35 घरों पर मंडराया खतरा- बेघर हुए लोग

सत्ता बनाम विपक्ष: लोकतंत्र या टकराव

इस राजनीतिक खींचतान ने हिमाचल विधानसभा को अब लोकतांत्रिक विमर्श का मंच कम और टकराव का अखाड़ा ज़्यादा बना दिया है। जहां एक ओर सत्ता पक्ष विपक्ष को भ्रमित और बंटा हुआ बता रहा हैए वहीं विपक्ष सरकार को जनहित की अनदेखी और प्रशासनिक विफलताओं का जिम्मेदार ठहरा रहा है। सदन में हो रही इस तीखी बहस और हंगामे को लेकर आम जनता में भी मिश्रित प्रतिक्रिया है। जहां एक वर्ग मानता है कि विपक्ष का बहिष्कार करना लोकतंत्र के मूल्यों के विपरीत है, वहीं कुछ लोग सरकार के रवैये को अहंकारपूर्ण और असंवेदनशील बता रहे हैं।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख