#राजनीति
August 26, 2025
सीएम सुक्खू ने भाजपा नेताओं पर कसा तंज: कहा- 'एक तरफ चोरी-ऊपर से सीना ज़ोरी' पढ़ें ऐसा क्यों कहा
भाजपा ने उद्योगपतियों को औने पौने दामों में बांट दी जमीन अब लगा रहे आरोप
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शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र के सातवें दिन उद्योगों की स्थिति पर पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक बिक्रम सिंह ठाकुर ने बीते तीन वर्षों में निवेश और उद्योगों की हालत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के चलते राज्य में उद्योगों का पलायन हो रहा है और बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। विपक्ष ने सरकार पर उद्योग विरोधी रवैये का आरोप लगाते हुए सदन में नारेबाजी की और वॉकआउट किया।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा सरकार पर करारा पलटवार किया। सीएम सुक्खू ने कहा कि भाजपा पर तो उलटा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत सच होती है। पूर्व की जयराम सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को हिमाचल की जमीन औने.पौने दामों में बांट दी और नियमों की आड़ में भ्रष्टाचार को संस्थागत रूप दिया।
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मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा कार्यकाल में कई कंपनियों को महज ₹1 प्रति वर्ग मीटर की दर पर जमीन दी गईए बिजली और अन्य सुविधाओं में भारी रियायतें दी गईं और स्टांप ड्यूटी तक माफ की गई। सीएम सुक्खू ने साफ कहा कि जनता के पैसों से उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास किया। सीएम ने कहा कि आने वाले समय में इन सभी मामलों की जांच कराई जाएगी और हर घोटाले का पर्दाफाश होगा।
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मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि एक तरफ़ चोरी, ऊपर से सीना ज़ोरी भाजपा की स्थिति बन गई है। भाजपा के नेता खुद भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और अब कांग्रेस सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगाकर सुर्खियां बटोरना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की विकास नीति और फैसले लेने की क्षमता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार केवल बैठकों में समय व्यतीत करने वाली नहीं, बल्कि ठोस निर्णय लेने वाली सरकार है। सुक्खू ने स्पष्ट किया कि विरोध और रुकावटों के बावजूद सरकार आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य पर लगातार आगे बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार में फैसले लेने की ताकत होनी चाहिए, न कि टाइम पास सरकार हो। उन्होंने कहा कि उनके हाथ बांधने की बहुत कोशिश की गई, लेकिन वह रुकेंगे नहीं, क्योंकि हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि पूर्व की जयराम सरकार में फैसले लेने की हिम्मत नहीं थी। जिसके चलते प्रदेश का विकास रूक गया।
प्राकृतिक खेती को राज्य में नई दिशा देने के लिए उन्होंने ‘राजीव गांधी प्राकृतिक खेती योजना’ की घोषणा की। योजना को संचालित करने के लिए एडिशनल डायरेक्टर स्तर का अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। सीएम ने कहा कि यह योजना अगले साल और मजबूत रूप में सामने आएगी।
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शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उन्होंने दावा किया कि हिमाचल शिक्षा सुधारों में देशभर में तीसरे स्थान पर है और एम्स स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए बड़ा अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं लागू हो रही हैं। सुक्खू ने यह भी ऐलान किया कि राज्य में 3,000 डीजल टैक्सियों को ई-टैक्सी में बदला जाएगा और युवाओं को 40% सब्सिडी दी जाएगी। उनका लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक हिमाचल को ‘ग्रीन स्टेट’ के रूप में पहचान दिलाई जाए। पूर्व राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की है। सीएम ने कहा कि यह सरकार सत्ता के आनंद के लिए नहीं, बल्कि सिस्टम बदलने के लिए आई है।