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August 26, 2025

हिमाचल: उफनती ब्यास कुछ घंटों में निगल गई 20 घर, दुकानें, रेस्टोरेंट; पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंचा पानी

ब्यास नदी ने कुल्लू और मंडी जिला में कई घरों को  में तबाही

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Beas river Kullu

कुल्लू/मंडी। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और मंडी जिलों में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने तबाही मचा दी है। ब्यास नदी के उफान पर आने से दोनों जिलों में हालात भयावह हो गए हैं। अब तक कुल्लू व मनाली क्षेत्र में 20 से अधिक मकान, रेस्टोरेंट और दुकानें तेज बहाव में समा चुकी हैं, जबकि 30 से अधिक मकानों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं।

कुल्लू में ब्यास की तबाही, बाजार और पुल बह गए

कुल्लू शहर के अखाड़ा बाजार में दो मकान नदी की भेंट चढ़ गए। ओल्ड मनाली में छह ढाबे और तीन घर तेज बहाव में समा गए। रामशीला इलाके में तीन मकान ढह गए जबकि बाहंग क्षेत्र में दो रेस्टोरेंट और चार दुकानें पानी में बह गईं। कुल्लू शहर के समीपवर्ती डोहलू टोल प्लाजा तक ब्यास का पानी पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में डर का माहौल है।

 

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कुल्लू और मनाली के बीच सड़क का कई हिस्सों में नामोनिशान तक मिट चुका है। जगह.जगह सड़क ब्यास नदी में समा गई है, जिससे मनाली का जिला मुख्यालय कुल्लू से संपर्क पूरी तरह कट गया है। मनाली का बेली ब्रिज और लेफ्ट बैंक ब्रिज भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया है, वहीं ओल्ड मनाली को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है।

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ग्रीन टैक्स बैरियर क्षतिग्रस्त

मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-3) का एक हिस्सा बिंदु ढांक के पास नदी में समा गया है। ग्रीन टैक्स बैरियर के पास सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्थिति इतनी विकराल हो गई है कि कई जगहों पर लैंडस्लाइड के कारण सड़कें बंद हो गई हैं और राहत व बचाव कार्य भी कठिन हो गया है।

पंचवक्त्र मंदिर तक पहुंचा पानी

मंडी जिला भी ब्यास नदी की विकरालता से अछूता नहीं रहा। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और इसका पानी पंचवक्त्र मंदिर के प्रांगण तक पहुंच चुका है। वर्ष 2023 में यह मंदिर आधा डूब गया था और इस बार फिर वही हालात बनते नजर आ रहे हैं।

 

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भयूली कॉलोनी जो मंडी शहर के साथ लगती है, वहां नदी का पानी अब घरों की पहली मंजिल तक पहुंच गया है। जिला प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यहां के आठ परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। हालांकि, नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण अभी भी क्षेत्र खतरे में बना हुआ है।

पंडोह डैम से कल छोड़ा जाएगा पानी

पंडोह डैम में भारी सिल्ट भर जाने के कारण डैम से पानी छोड़ना अनिवार्य हो गया है। हालांकि जिला प्रशासन के अनुरोध पर 26 अगस्त को पानी छोड़ने की प्रक्रिया को टाल दिया गया है। अब डैम से पानी 27 अगस्त को छोड़ा जाएगा। सिल्ट जमा होने के कारण डैम से बिजली उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया है। ब्यास नदी का रौद्र रूप दवाड़ा क्षेत्र में भी देखने को मिला, जहां नदी पर बना 70 मीटर लंबा पैदल पुल बह गया। जैसे ही नदी का पानी पुल के ऊपर से बहा, वह ढह कर नदी में समा गया।

 

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सराज में 30 मकानों पर खतरा, बालीचौकी में दो मकान ढहे

मंडी जिले की सराज विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत तांदी के लाछ और गाता गांवों में भारी भू-स्खलन हुआ है। इससे 30 से ज्यादा घर खतरे की चपेट में हैं। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। इसी क्षेत्र के बालीचौकी कस्बे में बीती रात दो बड़े मकान जमींदोज हो गए। इन मकानों में करीब 30 दुकानें चल रही थीं। गनीमत यह रही कि प्रशासन ने पांच दिन पहले ही इन मकानों को खाली करवा लिया था, जिससे कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।

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पर्यटकों और स्थानीयों को किया अलर्ट

भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भी यातायात पूरी तरह ठप है। जिला प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

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