#हादसा
August 26, 2025
हिमाचल: सड़क से फिसली यात्रियों से भरी बस क्रैश बैरियर से अटकी, मची चीख पुकार
कार को पास देने के लिए ब्रेक लगाते ही फिसल गई बस
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कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों की जान पर बन आई है। कांगड़ा जिले के जसवां परागपुर विधानसभा क्षेत्र के कोटला बेहड़ में मंगलवार सुबह एक निजी बस भीषण सड़क हादसे का शिकार होते-होते बच गई। बारिश से गीली और फिसलनभरी सड़क पर बस स्किड होकर क्रैश बैरियर से जा टकराई, लेकिन गनीमत रही कि रेलिंग ने बस को सड़क से नीचे गिरने से रोक लिया। बस में सवार 25 यात्रियों की जान बाल-बाल बची।
हादसा उस वक्त हुआ जब "जय मां चिंतपूर्णी" नामक एक निजी बस ज्वालामुखी से तलवाड़ा की ओर जा रही थी। सुबह करीब साढ़े आठ बजे, जैसे ही कोटला बेहड़ के समीप पंज पीर मंदिर के पास बस चालक ने सामने से आ रही कार को पास देने के लिए ब्रेक लगाई, बारिश से फिसलन भरी सड़क पर बस नियंत्रण खो बैठी और सड़क किनारे की रेलिंग से जा टकराई।
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हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। दोनों मुख्य दरवाजे रेलिंग से सट गए थे] जिससे यात्रियों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर चालक और परिचालक की मदद से इमरजेंसी दरवाजे से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
लोक निर्माण विभाग डाडासीबा के सहायक अभियंता नितेश कौंडल ने जानकारी दी कि विभाग की ओर से त्वरित कार्रवाई करते हुए दो जेसीबी मशीनों की मदद से बस को सड़क से हटाया गया और रास्ता सामान्य किया गया। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान सड़कों पर फिसलन के चलते ऐसे हादसों की संभावना अधिक होती है।
इस घटना ने एक बार फिर हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। हर साल भारी बरसात में इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें कई बार जान-माल का बड़ा नुकसान होता है। विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों की सड़कों पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। सेफ्टी ग्रिल, सड़क किनारे रेलिंग और ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाना अब समय की मांग बन चुकी है। साथ ही वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचें और अगर यात्रा जरूरी हो तो वाहन की स्पीड नियंत्रित रखें। इसके साथ ही निजी बस ऑपरेटरों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने चालकों को पहाड़ी सड़कों पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने के लिए प्रशिक्षित करें।