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August 26, 2025
हिमाचल: एक साथ दो पंचायतों में फटा बादल, सड़कें, 4 पुल टूटे; गौशालाएं गिरी- घरों में घुसा मलबा
बादल फटने से चंबा जिले में भारी तबाही, भूस्खलन से खतरे की जद में आए 6 घर
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चंबा। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के बीच अब प्रदेश भर से बादल फटने की घटनाएं सामने आने लगी हैं। इसी कड़ी में हिमाचल के जनजातीय जिला चंबा में आज मंगलवार दो जगह बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि बादल फटने से किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है।
बताया जा रहा है कि आज मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे भलेई उपतहसील के तहत ब्रंगाल और सिमनी पंचायतों में बादल फटने की घटना सामने आई है। दोपहर करीब 12 बजे अचानक मौसम ने करवट बदली और बादल फटने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। पानी और मलबे की चपेट में आकर दर्जनों घरों, सड़कों, पुलों और गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है।
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ब्रंगाल पंचायत में स्थिति अत्यंत चिंताजनक रही। बादल फटने से गांव के कई घरों में करीब तीन फुट तक पानी और कीचड़ भर गया। इससे घरेलू सामान पूरी तरह बर्बाद हो गया है। जीप योग्य सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, वहीं क्षेत्र में चार छोटे पुल भी बह गए। स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर मवेशियों को गौशालाओं से बाहर निकाला। गांव में बनी वर्षाशालिका भी बाढ़ की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई है।
भूस्खलन की चपेट में आए साहला गांव में हालात गंभीर हैं। यहां छह से सात मकान खतरे की जद में आ गए हैं। एक गौशाला ढह जाने से उसमें बंधी एक गाय की मौत हो गई। स्थानीय निवासी जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। नाले में आए उफान के कारण एक मोटरसाइकिल और एक कार बह गई, हालांकि कार को बाद में बचा लिया गया। वहीं, सड़क किनारे खड़ी जेसीबी मशीन पर पहाड़ी से मलबा गिर गया, जिससे भारी नुकसान हुआ है।
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डलहौजी उपमंडल के अंतर्गत आने वाली मलुडा पंचायत में भीषण भूस्खलन के चलते चार घर क्षतिग्रस्त हो गए। बोंखरी मोड़ नामक स्थान पर जमीन धंसने से बहुमंजिला इमारत समेत कई भवनों में गहरी दरारें आ गई हैं। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तुरंत घर खाली करवाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा।
डलहौजी उपमंडल के ककियाना गांव में भारी बारिश के कारण 10 गौशालाएं पूरी तरह ढह गई हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। वहीं बासा और चुनहेतर गांवों में भी भूस्खलन के चलते मकानों पर खतरा मंडरा रहा है। लोग लगातार पहरेदारी कर रहे हैं और किसी भी अनहोनी की आशंका से डरे हुए हैं।
बकरोटा वार्ड में डलहौजी-खज्जियार मार्ग का एक हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया, जिससे सड़क के नीचे स्थित एक कोठी के चौकीदार का आवास बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अलावा बिजली और पेयजल व्यवस्था भी कई क्षेत्रों में ठप पड़ी है।
चंबा-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर कटोरी बंगला, केरू पहाड़, तुनुहट्टी, पंजपुला, बनीखेत, गोली, लाहड, पटना मोड़ और नालडा पुल जैसे कई स्थानों पर पहाड़ियों से मलबा और पेड़ गिरने से रास्ता बार-बार अवरुद्ध हो रहा है। जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।