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July 20, 2025
सुक्खू सरकार का ट्रेनी भर्ती फ़ॉर्मूला: कितना सही और कितना गलत, एक क्लिक में जानें
पुराना सिस्टम खत्म, अब ट्रेनी के तौर पर मिलेगी सरकारी नौकरी
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी के सिस्टम को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए पुराने कॉन्ट्रैक्ट पॉलिसी सिस्टम को अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। उसकी जगह नई ट्रेनी बेस्ड भर्ती नीति (Trainee-Based Recruitment Policy) लागू कर दी गई है। जिसे लेकर सोशल मीडिया पर कुछ विपक्षी नेताओं ने बवाल शुरू कर दिया है। मगर इसके फायदे या नुकसान कितने होंगे आपको प्वाइंटर से समझाते हैं।
सरकार अब ग्रुप A, B और C पदों के लिए कॉन्ट्रैक्ट के जरिए भर्ती नहीं करेगी। इसके स्थान पर सभी नई भर्तियां अब एक निश्चित ट्रेनी पीरियड के साथ होंगी।
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नई नीति को केंद्रीय सिविल सेवा (CCS) नियमों से छूट दी गई है। यानी अब राज्य सरकार CCS नियमों को बाध्य न मानते हुए अपना स्वतंत्र सिस्टम चला सकती है।
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पहली बात ये जान लीजिए कि जॉब ट्रेनी सरकारी कर्मचारी नहीं होगा। सरकार द्वारा दावा किया गया है कि ट्रेनी पीरियड सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद ही कर्मचारी को रेगुलर (स्थायी) नियुक्ति मिलेगी। ट्रेनी के रूप में दो वर्ष का कार्यकाल पूरा करने के बाद नियमित होने के लिए परीक्षा पास करनी होगी। अगर परीक्षा पास हो गई तो कर्मचारी को रेगुलर कर दिया जाएगा अन्यथा वह बाहर हो जाएगा।
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अब सवाल ये है कि सरकार द्वारा किए गए बदलाव से क्या युवाओं को राहत मिलेगी या नहीं। तो जवाब ये है कि सरकार अब सीधी नियमित भर्ती नहीं कर रही, लेकिन कॉन्ट्रैक्ट का अनिश्चित भविष्य भी खत्म हुआ। पहले कॉन्ट्रैक्ट बेस पर लोग सालों साल नौकरी करते थे और बाद में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता था। जिसके बाद उन्हे जॉब मिलने में भी कठिनाई आती।
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वहीं, दूसरी ओर नई भर्ती नीति में भी जॉब की कोई गारंटी नहीं है, 2 साल बाद यदि पेपर क्लियर नहीं हो पाया तो कर्मचारी को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। जिससे बेरोजगारी और अधिक बढ़ सकती है। वहीं, कुछ युवा इसे कम वेतन में काम करवाने की नई स्कीम भी कह रहे हैं। पहले युवाओं से 2 साल तक काम निकलवाओ और फिर बाहर का रास्ता दिखाकर दूसरे युवकों से भी ऐसे ही काम निकलवाओ। जिससे युवा बिल्कुल खुश नहीं है।
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| क्रम संख्या | पद का नाम | नई भर्ती स्कीम लागू नहीं होगी |
|---|---|---|
| 1 | HPAS (हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा) | नहीं लागू होगी |
| 2 | सिविल जज | नहीं लागू होगी |
| 3 | सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर वर्ग (Asst., Assoc., Professor) | नहीं लागू होगी |
| 4 | आयुष विभाग में प्रोफेसर | नहीं लागू होगी |
| 5 | सहायक वन संरक्षक (ACF) | नहीं लागू होगी |
| 6 | नायब तहसीलदार | नहीं लागू होगी |
| 7 | अनुभाग अधिकारी (HPF और AS) | नहीं लागू होगी |
| 8 | सहायक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी | नहीं लागू होगी |
| 9 | कांस्टेबल (पुरुष/महिला) - पुलिस विभाग | नहीं लागू होगी |