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January 28, 2026
हिमाचल के रक्षित को अमेरिकी आर्मी ने किया रिहा- 20 दिन बाद मां-बाप से हुई बात, हुए भावुक
माता-पिता का हर दिन डर और उम्मीद के बीच बीता
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कांगड़ा। उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिकी कोस्ट गार्ड की हिरासत में लिए गए रूसी तेल टैंकर से जुड़े जहाज मैरिनेरा पर फंसे पालमपुर के युवक रक्षित चौहान समेत सभी भारतीय नागरिकों को आखिरकार सुरक्षित रिहा कर दिया गया है।
करीब बीस दिनों तक चले तनाव, अनिश्चितता और डर के बाद सोमवार रात जब रक्षित की आवाज फोन पर परिजनों तक पहुंची, तो सिद्धपुर (बिंद्रावन) स्थित उनके घर का माहौल भावनाओं से भर गया। लंबे इंतजार के बाद बेटे की सलामती की पुष्टि होते ही परिवार की आंखों से राहत के आंसू छलक पड़े।
मर्चेंट नेवी में कार्यरत रक्षित चौहान से परिवार की आखिरी बातचीत सात जनवरी को हुई थी। पिता रणजीत सिंह चौहान ने बताया कि उस दौरान बेटे ने जानबूझकर परिवार को चिंता से दूर रखने के लिए कहा था कि वह बर्फीले और नेटवर्क से बाहर वाले समुद्री क्षेत्र में जा रहा है, जहां लंबे समय तक संपर्क संभव नहीं होगा।
परिवार ने इस बात को सामान्य समझकर स्वीकार कर लिया, लेकिन आठ जनवरी को जब यूट्यूब और सोशल मीडिया पर जहाज के अमेरिकी कोस्ट गार्ड द्वारा जब्त किए जाने की खबर सामने आई, तो पूरे परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
इसके बाद करीब 20 दिन परिवार के लिए बेहद कठिन साबित हुए। हर सुबह किसी नई खबर की उम्मीद और हर रात किसी अनहोनी की आशंका के साथ बीतती रही। हिमाचल से लेकर दिल्ली तक रक्षित की सुरक्षित रिहाई के लिए प्रयास तेज किए गए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने यह मामला सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के संज्ञान में लाया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय से सीधे संपर्क स्थापित किया गया।
कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा भी लगातार विदेश मंत्रालय और दूतावास के संपर्क में रहे और समय-समय पर परिवार को स्थिति से अवगत कराते रहे। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी रक्षित के घर पहुंचे और परिवार को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार इस मामले में हरसंभव मदद कर रही है।
रक्षित के पिता रणजीत सिंह चौहान और चाचा नरेंद्र चौहान ने बताया कि बीच-बीच में रिहाई की खबरें जरूर आ रही थीं, लेकिन जब तक बेटे से सीधी बात नहीं हुई, तब तक मन में डर बना रहा। सोमवार रात करीब आठ बजे जैसे ही फोन पर रक्षित की आवाज सुनाई दी, परिवार को असली तसल्ली मिली।
रक्षित ने परिजनों को बताया कि अमेरिका ने जहाज और उसमें सवार सभी लोगों को रिहा कर दिया है। उसने यह भी कहा कि हिरासत के दौरान उन्हें भोजन, स्वास्थ्य जांच और अन्य जरूरी सुविधाएं मिलती रहीं और किसी तरह की प्रताड़ना नहीं झेलनी पड़ी। फिलहाल वह पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है।
जानकारी के अनुसार सात जनवरी को अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने रूसी तेल टैंकर मैरिनेरा (पूर्व नाम बेला-1) को अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। इस जहाज पर कुल 26 लोग सवार थे, जिनमें 17 यूक्रेनी, छह जॉर्जियाई और तीन भारतीय नागरिक शामिल थे। अमेरिका ने इस टैंकर को वेनेजुएला की कथित ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़ा संदिग्ध जहाज मानते हुए कार्रवाई की थी।
रक्षित की सुरक्षित रिहाई की खबर फैलते ही पालमपुर और सिद्धपुर क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। रिश्तेदार, पड़ोसी और शुभचिंतक परिवार को बधाइयां देने पहुंचने लगे। लंबे समय बाद परिवार के चेहरों पर सुकून साफ नजर आया।