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January 27, 2026
CM सुक्खू ने दिल्ली में 3 केंद्रीय मंत्रियों के समक्ष उठाए हिमाचल के हक, 200 करोड़ की मिली स्वीकृति
सीएम सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री से कांगड़ा एयरपोर्ट विस्तार के लिए मांगा सहयोग
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शिमला/नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नई दिल्ली में एक के बाद एक तीन केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर राज्य से जुड़े बुनियादी ढांचे] हवाई संपर्क और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। मुख्यमंत्री ने इन बैठकों के जरिए केंद्र सरकार के समक्ष हिमाचल की भौगोलिक] आर्थिक और पर्यावरणीय जरूरतों को मजबूती से रखा और कई अहम मांगें सामने रखीं।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय सड़क परिवहन] राजमार्ग एवं जल संसाधन मंत्री नितिन गडकरी से भेंट कर प्रदेश की सड़कों की स्थिति, राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और लंबित सड़क परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने पहाड़ी राज्य में सड़कों और पुलों की मरम्मत व रख-रखाव के लिए पर्याप्त केंद्रीय वित्तीय सहायता की मांग की।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने सीआरआईएफ (CRIF) के तहत छैला–नेरीपुल–यशवंत नगर–ओच्छघाट सड़क परियोजना के लिए सैद्धांतिक रूप से 200 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की। इस सड़क के सुधरने से विशेष रूप से सेब उत्पादक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और बागवानों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
सीएम ने शिमला–मटौर राष्ट्रीय राजमार्ग की प्रगति से भी केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यह मार्ग राजधानी शिमला को आठ जिलों और पड़ोसी राज्यों से जोड़ता है, इसलिए इसका सामरिक और आर्थिक महत्व बहुत अधिक है। मुख्यमंत्री ने पर्वतीय भूगोल और भू-वैज्ञानिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए शिमला से शालाघाट और भगेड़ से हमीरपुर तक अधिक सुरंगों के निर्माण तथा पैकेज-4 के तहत फोरलेन के लिए डीपीआर प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। इसके अलावा, एनएच-03 के चिलबाहल से पक्का भरोह खंड को विकास और रखरखाव के लिए पीडब्ल्यूडी के एनएच विंग को सौंपने की भी मांग रखी गई।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से मुलाकात कर हिमाचल के हवाई अड्डों से जुड़ी समस्याओं और संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कांगड़ा (गगल) हवाई अड्डे के विस्तार के लिए केंद्र सरकार से सहयोग और विशेष केंद्रीय सहायता की मांग की। सीएम ने बताया कि राज्य सरकार ने इसके लिए अपने बजट में 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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उन्होंने कम दृश्यता की स्थिति में भी उड़ानों के संचालन को संभव बनाने के लिए विशेष विजुअल फ्लाइट रूल्स लागू करने और न्यूनतम दृश्यता सीमा को 5 किलोमीटर से घटाकर 2.5 किलोमीटर करने का अनुरोध किया। साथ ही शिमला हवाई अड्डे पर उड़ान संचालन का समय बढ़ाकर दोपहर 4 बजे तक करने, चंडीगढ़–शिमला उड़ानों की आवृत्ति बढ़ाने और प्रस्तावित चार हेलीपोर्ट को शीघ्र मंजूरी देने की मांग रखी।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर हिमाचल के वन और ट्री कवर से जुड़ा अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में वास्तविक वन और ट्री कवर 29.5 प्रतिशत है, जबकि आधिकारिक आंकड़ों में इसे केवल 27.99 प्रतिशत दर्शाया गया है, क्योंकि जंगलों के बाहर लगे पेड़ों को गणना में शामिल नहीं किया जाता।
सीएम ने आग्रह किया कि निजी भूमि पर मौजूद पेड़ों को भी कुल ट्री कवर में शामिल किया जाए, क्योंकि ये पेड़ पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी के कटाव को रोकने और हिमालयी पारिस्थितिकी को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने मांग की कि वित्त आयोग और केंद्र सरकार की ग्रांट तय करते समय हिमाचल के वास्तविक 29.5 प्रतिशत वन और ट्री कवर को मान्यता दी जाए।
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मुख्यमंत्री सुक्खू की इन बैठकों को हिमाचल के हितों के लिए अहम माना जा रहा है। सड़कों, हवाई सेवाओं और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर केंद्र से मिले सकारात्मक संकेतों से प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।