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October 6, 2025
हिमाचल: संजौली मस्जिद विवाद में वक्फ बोर्ड को बड़ा झटका, अब कोर्ट सुनाएगी अंतिम फैसला
कोर्ट ने वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी को अतिरिक्त समय देने से किया इंकार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में चल रहे संजौली मस्जिद विवाद में सोमवार को जिला अदालत से वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से मांगा गया अतिरिक्त समय देने से साफ इनकार कर दिया है और अब इस मामले में फैसला 30 अक्टूबर को सुनाया जाएगा। इस फैसले से जहां हिंदू संगठनों को राहत मिली है, वहीं वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी को तगड़ा झटका लगा है, क्योंकि फिलहाल अदालत ने किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से मना कर दिया है।
गौरतलब है कि इस मामले में वक्फ बोर्ड ने नगर निगम आयुक्त के आदेश को जिला अदालत में चुनौती दी हुई है। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने 3 मई को अपने आदेश में संजौली मस्जिद की निचली दो मंजिलों को अवैध करार देते हुए उन्हें तोड़ने के निर्देश दिए थे। इससे पहले मस्जिद की ऊपरी तीन मंजिलों को गिराने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है, जिनमें से दो मंजिलों को मस्जिद कमेटी ने हटा भी दिया है। नगर निगम की ओर से यह तर्क दिया गया था कि मस्जिद का नवीनीकरण या पुनर्निर्माण बिना स्वीकृत नक्शे और अनुमति के किया गया, जिससे यह निर्माण नियमों के विरुद्ध है।
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वक्फ बोर्ड का कहना है कि यह मस्जिद 1947 से पहले की है, और पुरानी इमारत को ही तोड़कर उसी स्थान पर नया ढांचा बनाया गया। बोर्ड ने दावा किया कि इस संपत्ति के अधिकारिक दस्तावेज उनके पास हैं। हालांकि, अदालत में बोर्ड की ओर से राजस्व दस्तावेज पूरी तरह पेश नहीं किए जा सके, जिससे उनका पक्ष कमजोर पड़ा।
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दूसरी ओर स्थानीय निवासी और हिंदू संगठन लंबे समय से इस निर्माण को अवैध बता रहे हैं। उनका कहना है कि यदि यह मस्जिद 1947 से पहले की थी, तो नई इमारत के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमति नगर निगम से क्यों नहीं ली गई। संगठनों ने नगर निगम के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत का यह रुख कानूनी प्रक्रिया की जीत और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती को दर्शाता है।
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संजौली मस्जिद विवाद उस समय सुर्खियों में आया जब मतियाणा में कुछ युवकों की पिटाई के बाद आरोपी संजौली मस्जिद से पकड़े गए। इस घटना के बाद धार्मिक तनाव की स्थिति बनी थी। इसके बाद हिंदू संगठनों ने संजौली मस्जिद के अवैध निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। हिंदू संगठनों के विरोध को देखते हुए 11 सितंबर को मस्जिद कमेटी ने खुद आगे आकर मस्जिद के अवैध बताए जा रहे हिस्से को खुद ही हटाने की पेशकश की थी। इसके बाद 5 अक्टूबर 2023 को नगर निगम आयुक्त की अदालत ने मस्जिद की तीन मंजिलें गिराने की मंजूरी दी थी।
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सोमवार को जिला अदालत में हुई सुनवाई के दौरान वक्फ बोर्ड और मस्जिद कमेटी ने अपने पक्ष में अतिरिक्त समय की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि अब पर्याप्त सुनवाई हो चुकी है। अदालत ने मामले पर फैसला सुरक्षित रखते हुए 30 अक्टूबर को निर्णय सुनाने का आदेश दिया।
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इस बहुचर्चित प्रकरण को लेकर अब शिमला में राजनीतिक और सामाजिक हलचल बढ़ गई है। हिंदू संगठनों ने अदालत के रुख का स्वागत करते हुए कहा है कि अवैध निर्माण को किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा, जबकि वक्फ बोर्ड अब हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी में बताया जा रहा है।