#विविध

December 12, 2025

हिमाचल में है भूत का मंदिर- यहां लोग डर के मारे चढ़ाते हैं सिगरेट और पानी, जानें पूरी स्टोरी

बिना पानी की बोतल चढ़ाए आगे जाना होता है अशुभ

शेयर करें:

Bhoot Ka Mandir

कुल्लू। पहाड़ों में हर तीसरे मोड़ पर देवी-देवताओं का मंदिर होना आम है लेकिन ऐसे ही किसी मोड़ पर भूत का मंदिर होना- जरा हटके है। मनाली-लेह हाइवे पर एक ऐसा मोड़ आता है जहां एक भूत का मंदिर स्थापित है जहां लोग मिनरल वॉटर और सिगरेट चढ़ाते हैं। अगर कोई इस मंदिर को इग्नोर कर आगे बढ़ जाता है तो अनहोनी होना तय है।

गाटा लूप्स में बना है एक भूत का मंदिर

हिमाचल और लद्दाख के बॉर्डर पर गाटा लूप्स नाम की जगह है- यहीं पर स्थित है एक घोस्ट टेंपल। गाटा लूप्स मनाली-लेह हाइवे से गुजरते वक्त सरचू से आगे है। यहां सड़क पर एक के बाद एक 21 मोड़ आते हैं जिनसे होकर मनाली से लेह का सफर तय करना होता है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल : कड़ाके की ठंड के बीच अलर्ट जारी- पहाड़ों पर बरसेगी चांदी, जानें कब बदलेगा मौसम

लोग चढ़ते हैं पानी की बोतल व सिगरेट

इन 21 मोड़ों में से 19वें मोड़ पर भूत का मंदिर है जहां लोग पानी की बोतल, कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट और खाना चढ़ाते हैं। यही वजह है कि यहां आपको एक जगह पानी की ढेर सारी बोतलें दिखेगीं। ये बोतलें यहां से गुजरने वाले लोगों द्वारा ही चढ़ाई गई हैं।

मंदिर बनने के पीछे है दर्दनाक कहानी

इस भूत के मंदिर और पानी की बोतल के अनोखे चढ़ावे के पीछे एक दर्दनाक कहानी है। बात साल 1998 की है जब सर्दियों में एक ट्रक सामान लेकर लेह की ओर जा रहा था जिसमें ड्राइवर के साथ उसका बीमार हेल्पर भी मौजूद था। सफर के बीच में ट्रक खराब हो जाता है।

यह भी पढ़ें: हिमाचल: नाका तोड़ा.. पुलिस की गाड़ी रौंद भागा युवक, पीछा किया तो मिली कार, चालक गायब

मदद लेने निकल जाता है ट्रक ड्राइवर

बहुत देर तक जब कोई मदद नहीं मिल पाती तो ड्राइवर मदद के लिए 40 किलोमीटर दूर एक गांव के लिए निकल पड़ता है। ड्राइवर हेल्पर को ट्रक में ही रुकने के लिए कहता है क्योंकि वो बीमार भी था और अगर कोई मदद आती है तो कोई मदद लेने के लिए वहां हो।

पांच दिनों बाद वापस आता है ड्राइवर

गांव दूर होने के चलते ड्राइवर को बहुत समय लग जाता है। इसी बीच बर्फबारी भी शुरू हो जाती है और रास्ते बंद हो जाते हैं। ऐसे में ड्राइवर समय पर मेकैनिक लेकर ट्रक के पास नहीं पहुंच पाता। बर्फबारी रुकने पर ड्राइवर 5 दिन बाद स्थानीय लोगों के साथ ट्रक के पास पहुंचता है।

यह भी पढ़ें: युग ह*त्याकांड: उम्रकैद नहीं - फां*सी की हो सजा... न्याय की उम्मीद में सुप्रीम कोर्ट पहुंचा पीड़ित परिवार

ट्रक में हो चुकी होती है हेल्पर की मौत

ड्राइवर देखता है कि भूख-प्यास, ठंड और बीमारी से हेल्पर की मौत हो चुकी है। ड्राइवर ने लोगों के साथ मिलकर वहीं पर हेल्पर का अंतिम संस्कार कर दिया और वहां से चला गया। इसी के बाद उस जगह पर भूत देखे जाने की बातें होने लगी। 

लोगों को नजर आने लगता है लड़का

हाइवे से गुजरने वाले लोगों और ड्राइवर्स को एक लड़का नजर आता जो उनसे पानी और खाना मांगता लेकिन कोई नहीं जानता था कि वो कौन है और वो क्यों पानी और खाना मांग रहा है। ये भी माना जाने लगा कि अगर कोई उसे पानी या खाना नहीं देता तो उसके साथ अनहोनी हो जाती।

यह भी पढ़ें: खुशहाल हिमाचल की ओर बढ़ रही सुक्खू सरकार, CM के सख्त फैसलों से भरने लगा खाली खजाना

करवाई गई विशेष पूजा और अनुष्ठान

जब भूत और आत्मा दिखने की बातें बढ़ने लगी तो स्थानीय लोगों ने पंडितों और लामाओं से मदद मांगी। फिर पता चला कि ये आत्मा उस ट्रक ड्राइवर के हेल्पर की है जिसकी मौत यहां 1998 में हुई थी। इसके बाद यहां विशेष पूजा और अनुष्ठान करवाया गया।

19वें मोड़ पर स्थापित किया है मंदिर

इसके बाद 21 मोड़ों वाली सड़क के 19वें मोड़ पर एक छोटे सा मंदिर बनाया गया। इसके बाद से यहां से गुजरने वाले ड्राइवर्स यहां पानी की बोतल, खाना, सिगरेट, कोल्ड ड्रिंक जैसी चीजें चढ़ाने लगे। बताया जाता है मंदिर की स्थापना मौत के 3 साल बाद हुई जिसके बाद आत्मा का दिखना बंद हो गया।

यह भी पढ़ें: MLA सुधीर शर्मा का तंज- कांग्रेस की रैली में दिखी फूट, ALTO का मजाक बंद; अब बाइक का इंतजाम करें

आज भी चढ़ाया जाता मिनरल वॉटर

एक वो दिन था और एक आज का दिन है। आज भी यहां से गुजरने वाले ड्राइवर यहां पर पानी की बोतल चढ़ाए बिना नहीं गुजरते। लोगों में एक डर बन गया है कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो उनके साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है।

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख