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June 23, 2026
सरकार ने पात्रता के साथ-साथ अपात्र श्रेणियों को भी स्पष्ट किया है

शिमला। हिमाचल प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। सुक्खू सरकार ने झथल चयन प्रक्रिया के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आय सीमा बढ़ा दी है- वहीं मनरेगा मजदूरों को भी विशेष राहत प्रदान की है।
सुक्खू सरकार ने BPL परिवारों की पहचान और चयन प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पात्रता नियमों में संशोधन किया गया है।
नए प्रावधानों के लागू होने से अब अधिक गरीब और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों परिवारों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
ग्रामीण विकास विभाग द्वारा BPL परिवारों के चयन के आठवें चरण की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। नए दिशा-निर्देशों के तहत पात्र परिवार निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकेंगे और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई सूची जारी की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार इच्छुक एवं पात्र परिवार 5 जुलाई, 2026 रविवार तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगे। इसके बाद पंचायत स्तर पर दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी।
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 जुलाई, 2026, बुधवार तक अंतिम BPL सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा वास्तव में पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।
BPL सूची में शामिल होने के लिए अब तक परिवार की वार्षिक आय सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित थी। सरकार ने इसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रतिवर्ष प्रति परिवार कर दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए आय सीमा बढ़ाना आवश्यक हो गया था। इससे ऐसे परिवारों को भी राहत मिलेगी जो सीमित आय के बावजूद आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।
सरकार ने मनरेगा से जुड़े परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत केवल एक दिन कार्य करने वाला परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए लाभकारी माना जा रहा है, जो अस्थायी मजदूरी और सीमित रोजगार के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं।
नई पात्रता शर्तों के तहत कई विशेष परिस्थितियों वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिनमें ऐसे परिवार शामिल हैं जिनकी-
सरकार ने पात्रता के साथ-साथ अपात्र श्रेणियों को भी स्पष्ट किया है। ऐसे परिवार जिनका-
सरकार का मानना है कि नई पात्रता शर्तों से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेहतर पहचान संभव होगी। इससे उन परिवारों तक सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा जो वास्तव में सहायता के पात्र हैं।
विशेष रूप से आय सीमा में बढ़ोतरी और मनरेगा श्रमिकों को दी गई राहत को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्वास्थ्य, आवास, राशन, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक संख्या में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है।
वहीं, BPL चयन प्रक्रिया में पंचायतों की भूमिका अहम रहने वाली है। दरअसल, आवेदन मिलने के बाद पंचायत स्तर पर जांच और पात्रता का आकलन किया जाएगा। इसी के आधार पर BPL सूची तैयार की जाएगी।