राजनीति

#विविध

June 23, 2026

BPL परिवारों के लिए खुशखबरी : सुक्खू सरकार ने बदले नियम- मनरेगा मजदूरों को राहत

सरकार ने पात्रता के साथ-साथ अपात्र श्रेणियों को भी स्पष्ट किया है

Add

News4himachal

as a

Trusted Source on

Google

शेयर करें:

himachal-pradesh-bpl-rules-changed-income-limit-increased-mgnrega-workers-get-relief

शिमला। हिमाचल प्रदेश के हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। सुक्खू सरकार ने झथल चयन प्रक्रिया के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए आय सीमा बढ़ा दी है- वहीं मनरेगा मजदूरों को भी विशेष राहत प्रदान की है।

BPL परिवारों के लिए खुशखबरी 

सुक्खू सरकार ने BPL परिवारों की पहचान और चयन प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पात्रता नियमों में संशोधन किया गया है।

ये भी पढ़ें: राजा साहब 'वीर' भी थे 'भद्र' भी : कुछ ऐसी उपलब्धियां और काम जिसके लिए हमेशा किए जाएंगे याद

सुक्खू सरकार ने बदले नियम

नए प्रावधानों के लागू होने से अब अधिक गरीब और पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुल गया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के हजारों परिवारों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

जारी की जाएगी नई सूची

ग्रामीण विकास विभाग द्वारा BPL परिवारों के चयन के आठवें चरण की प्रक्रिया को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। नए दिशा-निर्देशों के तहत पात्र परिवार निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकेंगे और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद नई सूची जारी की जाएगी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : तलाकशुदा महिला की पड़ोसी ने कई बार लूटी इज्जत, ससुरालियों को दिख दी वीडियो

कब तक कर सकते हैं आवदेन?

सरकार द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार इच्छुक एवं पात्र परिवार 5 जुलाई, 2026 रविवार तक अपने आवेदन जमा कर सकेंगे। इसके बाद पंचायत स्तर पर दावों और आपत्तियों की जांच की जाएगी।

कब जारी होगी अंतिम लिस्ट?

सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 15 जुलाई, 2026, बुधवार तक अंतिम BPL सूची प्रकाशित कर दी जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी तथा वास्तव में पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिलेगा।

यह भी पढ़ें : हिमाचल : दूसरी औरत के साथ था पति का संबंध- शिक्षिका ने उठाया गलत कदम, नोट में लिखा...

आय सीमा बढ़ा दी

BPL सूची में शामिल होने के लिए अब तक परिवार की वार्षिक आय सीमा 50 हजार रुपये निर्धारित थी। सरकार ने इसे बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रतिवर्ष प्रति परिवार कर दिया है।

कई दिक्कतों का करना पड़ा था सामना

विशेषज्ञों का मानना है कि महंगाई और बदलती आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए आय सीमा बढ़ाना आवश्यक हो गया था। इससे ऐसे परिवारों को भी राहत मिलेगी जो सीमित आय के बावजूद आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- ब्रेकिंग : HRTC बस सड़क से लुढ़की, कॉलेज के कई छात्र थे सवार ; आए थे ड्राइविंग सीखने

मनरेगा मजदूरों को राहत

सरकार ने मनरेगा से जुड़े परिवारों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत केवल एक दिन कार्य करने वाला परिवार भी बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए आवेदन कर सकेगा। यह बदलाव विशेष रूप से उन ग्रामीण परिवारों के लिए लाभकारी माना जा रहा है, जो अस्थायी मजदूरी और सीमित रोजगार के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं।

किन परिवारों को मिलेगा BPL का लाभ?

नई पात्रता शर्तों के तहत कई विशेष परिस्थितियों वाले परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिनमें ऐसे परिवार शामिल हैं जिनकी-

  • केवल 27 वर्ष से कम आयु के अनाथ बच्चे सदस्य हों।
  •  केवल 59 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग सदस्य हों और कार्य करने योग्य आयु वर्ग का कोई सदस्य मौजूद न हो।
  • महिला मुखिया वाले परिवार- जिनमें 27 से 59 वर्ष आयु का कोई सक्षम वयस्क सदस्य नहीं है, उन्हें भी पात्रता मिलेगी।
  • विधवा, तलाकशुदा, अविवाहित और परित्यक्ता महिलाओं के परिवार भी इस श्रेणी में आवेदन कर सकेंगे।
  • 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले मुखिया के परिवारों को भी पात्रता दायरे में रखा है।
  • गंभीर बीमारी से जूझ रहे कमाऊ सदस्य वाले परिवार
  • दुर्घटना के कारण स्थायी रूप से अशक्त हो चुके व्यक्तियों के परिवार
  • भूमिहीन परिवार भी BPL सूची में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।

यह भी पढ़ें- हिमाचल की इन देवी मां से राजा वीरभद्र ने मांगी संतान की मुराद, विक्रमादित्य के रूप में हुई थी पुत्र प्राप्ति

किन परिवारों को नहीं मिलेगा लाभ?

सरकार ने पात्रता के साथ-साथ अपात्र श्रेणियों को भी स्पष्ट किया है। ऐसे परिवार जिनका-

  • कोई सदस्य आयकरदाता है, उन्हें BPL सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।
  • जिन परिवारों की सभी स्रोतों से वार्षिक आय 75 हजार रुपये से अधिक है- वे भी पात्र नहीं होंगे।
  • एक हेक्टेयर से अधिक भूमि रखने वाले परिवारों को भी सूची से बाहर रखा जाएगा।
  • अगर परिवार का कोई सदस्य सरकारी, अर्धसरकारी अथवा निजी क्षेत्र में नियमित नौकरी कर रहा है तो वह परिवार BPL सूची में शामिल नहीं हो सकेगा।

यह भी पढ़ें- हिमाचल पुलिस ने ढेर सारे चिट्टे संग धरी सपना, पति के साथ मिल घर से चल रहा थी धंधा

ग्रामीण क्षेत्रों के कमजोर वर्गों को मिलेगा फायदा

सरकार का मानना है कि नई पात्रता शर्तों से सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेहतर पहचान संभव होगी। इससे उन परिवारों तक सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंच सकेगा जो वास्तव में सहायता के पात्र हैं।

जरूरतमंद परिवारों को मिलेगी राहत

विशेष रूप से आय सीमा में बढ़ोतरी और मनरेगा श्रमिकों को दी गई राहत को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्वास्थ्य, आवास, राशन, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न योजनाओं का लाभ अधिक संख्या में जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : शादी में जा रहे ट्रक की ब्रेक फेल, बच्चों समेत 23 थे सवार- चीखों से दहला इलाका

पंचायतों की भूमिका होगी अहम

वहीं, BPL चयन प्रक्रिया में पंचायतों की भूमिका अहम रहने वाली है। दरअसल, आवेदन मिलने के बाद पंचायत स्तर पर जांच और पात्रता का आकलन किया जाएगा। इसी के आधार पर BPL सूची तैयार की जाएगी।

ट्रेंडिंग न्यूज़

LAUGH CLUB

संबंधित आलेख