#उपलब्धि
January 16, 2026
हिमाचल : चार दोस्तों ने हासिल की बड़ी सफलता, चारों को मिला 40 लाख से ज्यादा का पैकेज
पढ़ाई के साथ-साथ काम का भी लिया अनुभव
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ऊना। हिमाचल प्रदेश में होनहारों की कमी नहीं है। हिमाचल के होनहार बेटे-बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी सफलता का झंडा गाढ़ रहे हैं। निजी सेक्टर हो या सरकारी- होनहार युवा कई बड़े पदों पर विराजमान हैं। वहीं, बाहरी राज्य के भी कई युवा हिमाचल में आकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
इसी कड़ी में हिमाचल में पढ़ रहे चार युवाओं ने दुनियाभर में रोशन कर दिया है। IIIT ऊना के चार छात्रों का देश-विदेश की नामी कंपनियों में सिलेक्शन हुआ है। कंपनियों द्वारा चारों छात्रों को आकर्षक पैकेज ऑफर किया गया है।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) ऊना ने प्लेसमेंट सत्र-2025 में एक बार फिर यह साबित किया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद तकनीकी शिक्षा और उद्योग-उन्मुख प्रशिक्षण से विश्व स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है। इस सत्र में संस्थान के चार मेधावी विद्यार्थियों को देश-विदेश की प्रतिष्ठित कंपनियों में बेहद आकर्षक पैकेज पर नियुक्ति मिली है- जिसे संस्थान के इतिहास में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।
संस्थान के तीन छात्रों का चयन अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित वेग्राउंड कंपनी में हुआ है। यह कंपनी अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर समाधान और प्रोडक्ट-आधारित टेक्नोलॉजी पर काम करती है।
तीनों छात्रों को कंपनी की ओर से 41.4 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज ऑफर किया गया है- जो न केवल संस्थान बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा जगत के लिए गर्व का विषय है।
इसी तरह Btech. (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग) के छात्र पारस त्यागी को बंगलूरू स्थित तेजी से उभरती हेल्थटेक कंपनी ‘ईवन’ में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियर के पद पर चयनित किया गया है। उन्हें 40.8 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज मिला है। ईवन कंपनी डिजिटल हेल्थकेयर सेवाओं के क्षेत्र में नवाचार के लिए जानी जाती है और वहां चयन होना छात्र की तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक समझ को दर्शाता है।
इन सभी छात्रों का चयन आसान नहीं रहा। चयन प्रक्रिया में कई स्तरों के कठिन इंटरव्यू और तकनीकी मूल्यांकन शामिल थे। इसमें एल्गोरिद्म, डेटा स्ट्रक्चर, प्रॉब्लम सॉल्विंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग कॉन्सेप्ट्स, सिस्टम डिजाइन और प्रोडक्ट डेवलपमेंट से जुड़े प्रश्न पूछे गए। इसके साथ ही छात्रों की लॉजिकल थिंकिंग, टीमवर्क और रियल-वर्ल्ड समस्याओं को हल करने की क्षमता को भी परखा गया।
खास बात यह रही कि चारों विद्यार्थियों ने अपने अंतिम वर्ष में ही संबंधित कंपनियों के साथ कार्यभार संभालना शुरू कर दिया। इससे उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ इंडस्ट्री का वास्तविक अनुभव भी मिल रहा है, जो भविष्य में उनके करियर को और मजबूत बनाएगा।
इस सफलता पर संस्थान के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने छात्रों, शिक्षकों और प्लेसमेंट टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि IIIT ऊना की शैक्षणिक संरचना और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड शिक्षा प्रणाली का प्रत्यक्ष परिणाम है। संस्थान ने अपने पाठ्यक्रम में पूर्ण-सेमेस्टर इंडस्ट्री इंटर्नशिप को शामिल किया है, जिसे छात्र सातवें या आठवें सेमेस्टर में पूरा कर सकते हैं। इससे छात्रों को कंपनियों की कार्यसंस्कृति, तकनीकी चुनौतियों और प्रोजेक्ट-आधारित सीख का गहरा अनुभव मिलता है।
प्रो. गौर ने यह भी कहा कि संस्थान का लक्ष्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। यही कारण है कि IIIT ऊना से निकलने वाले छात्र आज अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में अपनी पहचान बना रहे हैं।