#यूटिलिटी
January 16, 2026
हिमाचल में बारिश-बर्फबारी के लिए हो जाएं तैयार: आज से अगले 6 दिन जमकर बरसेंगे बादल
मैदानी इलाकों में सूखने लगी गेहूं-सूखी ठंड ने बढ़ाई बीमारियां
शेयर करें:

शिमला। जनवरी का आधा महीना बीतने के बावजूद हिमाचल प्रदेश में अब तक न तो ढंग की बारिश हुई है और न ही मैदानों व पर्यटन स्थलों पर बर्फबारी का इंतजार खत्म हुआ है। बीते तीन महीनों से जारी सूखी ठंड ने आम जनजीवन से लेकर खेती-बागवानी तक को गहरी चिंता में डाल दिया है।
हालांकि, अब मौसम विभाग की ताजा भविष्यवाणी ने राहत की उम्मीद जगाई है, जिसमें प्रदेश में अगले 6 दिनों तक बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात की संभावना जताई गई है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल : त्योहार मनाने मायके आई थीं दो बहनें, फट गया सिलेंडर; दंपति, बच्चों समेत 6 की मौ.त
दरअसल, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल प्रदेश में आज यानी 16 जनवरी से अगले 6 दिन प्रदेश में बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है कि इन पांच दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश होगी और ऊपरी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हो सकती है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद प्रदेश के किसानों-बागवानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है।
हिमाचल प्रदेश इस समय असामान्य मौसम चक्र से गुजर रहा है। आमतौर पर दिसंबर और जनवरी के दौरान सक्रिय रहने वाला शीतकालीन मौसम इस बार कमजोर नजर आया है। पिछले लगभग तीन महीनों से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं हुई है, जबकि बर्फबारी भी केवल ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों की चोटियों तक सीमित रही है। इसका सीधा असर मौसम के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य और आजीविका पर भी पड़ रहा है।
लगातार सूखी ठंड के कारण प्रदेश में तापमान में तीखा उतार.चढ़ाव देखा जा रहा है। दिन में तेज धूप और रात में कड़ाके की ठंड ने बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या अस्पतालों में बढ़ रही है।
कृषि क्षेत्र पर भी इस मौसम की मार साफ दिखाई देने लगी है। बारिश न होने से गेहूं की फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है, वहीं मटर, सरसों और अन्य नगदी फसलों को भी पर्याप्त नमी नहीं मिल पा रही है।
सबसे अधिक चिंता सेब बागवानों को सता रही है, क्योंकि सेब के लिए जरूरी चिलिंग आवर पूरे न होने से आगामी सीजन की पैदावार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। बागवानों का कहना है कि यदि जल्द बर्फबारी नहीं हुई तो इसका असर सीधे उत्पादन और गुणवत्ता पर पड़ेगा।
इसी बीच मौसम विभाग ने राहत भरी जानकारी दी है। विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से आज से 21 जनवरी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। ऊंचे और जनजातीय क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी हो सकती है, जबकि मध्य और निचले पर्वतीय इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं। शिमला, मनाली, कुफरी और नारकंडा जैसे पर्यटन स्थलों पर सीजन की पहली प्रभावी बर्फबारी की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे पर्यटन कारोबार को भी संजीवनी मिल सकती है।
हालांकि मौसम बदलने से पहले ठंड का असर और तेज हो सकता है। मैदानी और निचले इलाकों में घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की गई है। कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे सड़क यातायात और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।