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January 16, 2026

हिमाचल : दहकते मकान में कूदा पड़ोसी, एक को निकाल लाया बाहर- आंखों के सामने जिंदा ज.ल गए 6 लोग

माघी पर मायके आई थी बहनें

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Fire Accident

सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नौहराधार क्षेत्र में 14 जनवरी की रात को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। अब हादसे से जुड़ी एक ऐसी कहानी सामने आई है- जिसने उस मंजर को ताजा कर दिया है। कहानी इस भयानक हादसे में बचे उस एक व्यक्ति से जुड़ी है- जिसका पूरा परिवार आग की भेंट चढ़ गया।

6 लोग जिंदा जले

आपको बता दें कि घंडुरी क्षेत्र के तलांगना गांव में एक रिहायशी मकान में अचानक लगी आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में दो परिवारों के छह लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई।

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पड़ोसी ने बचाई जान

आग इतनी तेजी से फैली कि घर में मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल सका। इस बीच एक पड़ोसी ने साहस दिखाते हुए जान जोखिम में डालकर एक व्यक्ति को बाहर निकाल लिया, लेकिन आग की भयावहता के कारण बाकी लोगों को बचाया नहीं जा सका।  

माघी पर मायके आई थी बहनें

यह हादसा माघी पर्व के दौरान हुआ, जब दो सगी बहनें अपने-अपने परिवारों के साथ मायके आई हुई थीं। एक बहन की शादी सिरमौर के राजगढ़ क्षेत्र में हुई थी, जबकि दूसरी बहन शिमला जिले के चौपाल क्षेत्र में ब्याही गई थी। मकर संक्रांति और माघी पर्व की खुशियां मनाने के लिए दोनों बहनें अपने पतियों और बच्चों के साथ मायके आई थीं। परिवार के सभी सदस्य एक ही घर में ठहरे हुए थे।

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देर रात फटा गैस सिलेंडर

रात के समय जब सभी लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तभी अचानक घर में आग लग गई। आग की लपटें देखते ही घर में अफरा-तफरी मच गई। परिवार की बुजुर्ग महिला इंद्रा देवी किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर निकल आईं और मदद के लिए शोर मचाने लगीं। लेकिन इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, घर में रखा गैस सिलेंडर फट गया, जिससे आग ने और विकराल रूप ले लिया।

पड़ोसी ने बचाई एक की जान 

इस बीच पड़ोसी युवक जोगेंद्र ने दहकते हुए मकान में घुसने की हिम्मत दिखाई। उन्होंने खिड़की तोड़कर अंदर फंसे शख्स को बाहर निकाला। हालांकि, सिलेंडर फटने के बाद आग इतनी ज्यादा फैल गई कि बाकी लोगों को बचाना संभव नहीं हो पाया। जोगेंद्र का कहना है कि अगर उन्हें कुछ 2 मिनट और मिल जाते तो शायद और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

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कुछ देर में घर जलकर हुआ राख 

जिस घर में आग लगी, वह लकड़ी और पत्थरों से बना हुआ था। घर का आगे का हिस्सा देवदार की लकड़ी से तैयार किया गया था, जिससे आग बहुत तेजी से फैल गई। कुछ ही समय में पूरा मकान जलकर राख हो गया। अब वहां केवल जली हुई दीवारें और मलबा ही नजर आ रहा है।

दो सगी बहनों, 3 बच्चों समेत 6 की मौत

इस हादसे में दोनों बहनों, उनके पतियों और तीन मासूम बच्चों की जान चली गई। हालांकि, इस परिवार के कुछ सदस्य संयोगवश बच गए। इंद्रा देवी पहले ही घर से बाहर निकल आई थीं, जबकि भाई विक्रम और एक भांजा उस रात दूसरे गांव में सोने गए हुए थे, जिससे उनकी जान बच गई।

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मृतकों-घायल की पहचान

इस हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया है। हादसे में खुमड़ा, चौपाल का रहने वाला लोकेंद्र (42) गंभीर रूप से घायल हुआ है। जबकि, हादसे में उसकी पत्नी औैर तीनों बच्चों की मौत हो गई है। मृतकों की पहचान-

  • कविता (36) पत्नी लोकेंद्र
  • कृतिक (3) पुत्र लोकेंद्र
  • सारिका (13) पुत्री लोकेंद्र
  • कृतिका (13) पुत्री लोकेंद्र
  • नरेश (50) पुत्र दु्र्गा सिंह निवासी टपरोली राजगढ़
  • तृप्ता (44) पत्नी नरेश


कैसे लगी घर में आग?

घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंचे। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, हालांकि फॉरेंसिक टीम द्वारा पूरे मामले की जांच की जा रही है।

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पीड़ित परिवारों की सहायता करेगी सरकार

स्थानीय विधायक और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार ने भी घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और सरकार पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।

25-25 हजार फौरी राहत 

प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की फौरी राहत दी गई है। वहीं, आग में झुलसे लोकेंद्र को इलाज के लिए सोलन अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार वह करीब 15 से 16 प्रतिशत तक झुलसे हैं, लेकिन उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। माघी पर्व की खुशियां इस भयानक हादसे में मातम में बदल गईं। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।

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