#अपराध
September 25, 2026
हिमाचल में 50 करोड़ की ठगी : आरोपी ने पत्नी से भी किया स्कैम, खाटू श्याम के नाम पर मचाई लूट
IIT मंडी के बड़े अधिकारियों का भी खाया पैसा
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के पद्धर क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित ठगी के मामले में अपडेट सामने आया है। मामले में आरोपी महाराष्ट्र के गौरव अनिल धोते को लेकर एक और चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
आरोप है कि लोगों और IIT मंडी से जुड़े फैकल्टी व स्टाफ से करोड़ों रुपये की रकम जुटाने वाले धोते ने अपनी शादी के दौरान भी पत्नी को कथित तौर पर धोखे में रखा। मामला मनाली में हुई उसकी शादी से जुड़ा है- जहां होटल का बकाया भुगतान करने के लिए पत्नी के सोने के गहने तक गिरवी रखने की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, धोते ने जून 2025 में मनाली के मनुआलय रिजॉर्ट में शादी की थी। शादी का पैकेज करीब 18 लाख रुपये में तय हुआ था। शादी के अगले ही दिन होटल का भुगतान पूरा किए बिना उसके वहां से निकलने की बात सामने आई। बाद में होटल प्रबंधन से संपर्क होने पर उसने कथित तौर पर बताया कि वह ओल्ड मनाली गया है और पत्नी के गहने बेचकर बकाया रकम चुकाएगा।
होटल प्रबंधन ने गहने बेचने के बजाय उन्हें बकाया भुगतान की गारंटी के तौर पर अपने पास रखने का सुझाव दिया। इसके बाद धोते अपनी पत्नी के साथ होटल पहुंचा और करीब दो से ढाई तोले वजन के तीन सोने के गहने होटल प्रबंधन को सौंपे।
आरोप के अनुसार, इन गहनों को 22 कैरेट का बताया गया था। होटल प्रबंधन को भरोसा दिलाने के लिए इन्हें सिक्योरिटी के तौर पर रखा गया। बाद में जब होटल का भुगतान नहीं हुआ और गहने बेचने की नौबत आई तो उनकी शुद्धता अलग निकली। बताया गया कि गहने 22 कैरेट के बजाय 18 कैरेट के थे और उन्हें बेचने पर करीब 1.80 लाख रुपये ही प्राप्त हुए। इसी रकम से होटल के कुछ बकाया भुगतान किए गए।
होटल प्रबंधन के अनुसार, धोते ने बकाया भुगतान के लिए छह लाख रुपये का चेक भी दिया था। हालांकि, जब निर्धारित समय पर चेक बैंक में लगाया गया तो उसमें कथित तौर पर गलत हस्ताक्षर पाए गए। साथ ही जिस बैंक खाते का चेक दिया गया था, वह पहले ही बंद हो चुका था।
मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। होटल प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर एक स्थानीय गारंटर का चेक भी लिया था। यह चेक मैजिशियन हेयर सैलून के संचालक की ओर से दिया गया था। जब इस चेक को भी भुगतान के लिए बैंक में लगाया गया तो वह भी बाउंस हो गया। इसके बाद होटल प्रबंधन की ओर से धोते और गारंटर के खिलाफ मनाली की एक अदालत में चेक बाउंस का मामला चल रहा है।
शादी से जुड़े दूसरे खर्चों का भुगतान भी पूरा नहीं होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि टेंट संचालक का करीब ढाई लाख रुपये और फूल वाले का लगभग डेढ़ लाख रुपये का बिल लंबित था। गहनों को बेचने के बाद मिली रकम से टेंट वाले को करीब एक लाख रुपये और फूल वाले को 80 हजार रुपये दिए गए। इसके बावजूद दोनों का कुल करीब 2.20 लाख रुपये का भुगतान अभी बाकी बताया जा रहा है।
गौरव अनिल धोते पर मंडी के पद्धर क्षेत्र में ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर बड़ी संख्या में लोगों से रकम लेने का आरोप है। आरोप के मुताबिक, वह निवेशकों को हर महीने पांच से 10 प्रतिशत तक रिटर्न देने और तीन साल में रकम दोगुनी करने का लालच देता था।
इसी वादे के चलते पद्धर उपमंडल की कई पंचायतों के सैकड़ों लोगों ने कथित तौर पर उसके पास पैसा लगाया। आरोप है कि IIT मंडी से जुड़े कुछ फैकल्टी और स्टाफ सदस्य भी उसके निवेश नेटवर्क में शामिल हुए और बड़ी रकम लगाई।
बताया गया है कि धोते करीब तीन महीने तक IIT मंडी के गेस्ट हाउस में मेहमान के तौर पर रहा था। आरोप है कि इसी दौरान उसने क्षेत्र में लोगों के बीच अपनी पहचान और संपर्क बढ़ाए और बाद में निवेश से जुड़ा नेटवर्क खड़ा किया। वह IIT मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा के कई कार्यक्रमों में भी नजर आता था।
जानकारी के अनुसार, उसने IIT की एक कार्यशाला के आयोजन के लिए करीब 15 लाख रुपये का फंड भी दिया था। IIT के लोगों और निदेशक के साथ उसकी नजदीकी के चलते कई लोगों ने उस पर भरोसा किया। इसके बाद कथित तौर पर फैकल्टी, स्टाफ और स्थानीय लोगों ने उसके बताए निवेश मॉडल में पैसा लगाना शुरू किया।
निवेशकों के बीच संपर्क बढ़ने के बाद धोते ने कमांद में अपना कार्यालय भी स्थापित किया था। यहीं से वह कथित तौर पर निवेश से जुड़ा काम संचालित करता था। शुरुआत में निवेशकों को रिटर्न मिलने की बात सामने आने के बाद लोगों का भरोसा और बढ़ गया।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कमांद स्थित सेराफिना वेल्थ मैनेजमेंट के कार्यालय में निवेशकों को प्रभावित करने के लिए अलग तरह का माहौल बनाया गया था। उनका दावा है कि कार्यालय में करीब आठ बाउंसर तैनात रहते थे। कार्यालय आने वाले लोगों को रोज सुबह-शाम पहले खाटू श्याम के दर्शन करवाए जाते और इसके बाद उनसे निवेश और रिटर्न को लेकर बातचीत होती थी।
इसके बाद कथित तौर पर बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी बचत और अन्य रकम उसके पास निवेश कर दी। हालांकि, बाद में भुगतान को लेकर दिक्कतें शुरू हुईं और निवेशकों को उनकी रकम वापस मिलने में परेशानी आने लगी।
पुलिस जांच में यूपी और नेपाल तक नेटवर्क होने की जानकारी भी सामने आई है। फिलाहल, करोड़ों की रकम के नेपाल भेजे जाने और आरोपी के नेपाल चले जाने की सूचना के बाद मनी लॉन्ड्रिंग तथा सीमा पार वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच की संभावना बनी है।
आरोप है कि जनवरी में धोते निवेशकों की रकम लेकर अचानक गायब हो गया। बाद में उसके नेपाल भाग जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद निवेशकों ने पुलिस से शिकायत की।
शिकायतों के आधार पर पद्धर थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। कथित निवेश घोटाले में शामिल रकम करीब 50 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस की जांच में वास्तविक रकम और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि होना बाकी है।
अब सामने आए शादी के मामले के बाद पुलिस मामले से जुड़े और नए एंगल खंगाल रही है। जैसे कि-