#अपराध
January 21, 2026
हिमाचल में ठगी का नया खेल: एलन मस्क बनकर युवक को लगाया 11 लाख का चूना
डिलीवरी और टैक्स के नाम पर शुरू हुआ ठगी का खेल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला से एक साइबर ठगी का मामला सामने आया है। गौर करने वाली बात है कि अब साइबर ठग लोगों को फंसाने के लिए बड़े और मशहूर बिजनेसमैन के नाम का इस्तेमाल करने लगे हैं। यहां शातिर ठगों ने इंटरनेशनल बिजनेसमैन और टेस्ला कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) एलन मस्क के नाम का सहारा लेकर एक व्यक्ति को झांसे में लिया और उससे लाखों रुपये की ठगी कर ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजधानी शिमला के रहने वाले एक आम व्यक्ति को मशहूर उद्योगपति के नाम पर ठग लिया गया। बताया जा रहा है कि शिमला के रहने वाले धन सिंह मोबाइल पर ‘थ्रेड’ ऐप चला रहे थे। इसी दौरान एक अनजान व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और खुद को टेस्ला कंपनी का मालिक एलन मस्क बताकर बातचीत शुरू की।
ठग ने धन सिंह को बड़े-बड़े सपने दिखाते हुए कहा कि उन्हें गिफ्ट में नई टेस्ला कार, साथ में नकद पैसे और करीब 2.3 करोड़ रुपये का सोना दिया जाएगा। यह सुनकर धन सिंह को भरोसा हो गया और उन्होंने ठग की बातों में आकर आगे की बातचीत शुरू की।
इसके बाद ठग ने खुद को टेस्ला की डिलीवरी टीम से जुड़ा हुआ बताया और एक दूसरे मोबाइल नंबर पर संपर्क करने को कहा। बातचीत आगे बढ़ी तो ठग ने कभी डिलीवरी चार्ज, कभी प्रोसेसिंग फीस और कभी टैक्स के नाम पर पैसे मांगने शुरू कर दिए। शुरुआत में धन सिंह से 2,000 रुपये लिए गए, फिर 5,000 रुपये और इसके बाद किस्तों में लगातार रकम बढ़ती चली गई। हर बार ठग यही कहते रहे कि अगली बार पैसे भेजते ही गिफ्ट और कार तुरंत भेज दी जाएगी।
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SP शिमला के मुताबिक, इस तरह अलग-अलग किस्तों में धन सिंह से कुल 11,87,644 रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। लेकिन इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी न तो धन सिंह को कोई टेस्ला कार मिली, न नकद पैसे और न ही सोने से जुड़ा कोई सबूत मिला। उल्टा, ठग लगातार और ज्यादा पैसे मांगने लगे। तभी धन सिंह को एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने थाना छोटा शिमला में जाकर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करवाई।
एसपी संजीव गांधी ने बताया कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (2) और IT (Information Technology) एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बैंक ट्रांजैक्शन और कॉल डिटेल्स खंगाली जा रही हैं, ताकि ठगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
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SP शिमला ने कहा कि यह मामला संगठित साइबर ठगी का लगता है, जिसमें फर्जी पहचान और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर आने वाले बड़े ऑफर, विदेशी गिफ्ट या किसी मशहूर व्यक्ति के नाम से आए संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि लोग लालच में आकर साइबर ठगों का शिकार बन जाते हैं।
अगर किसी तरह की संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन पर इसकी जानकारी दें, ताकि समय रहते ऐसे जाल से बचा जा सके। पुलिस ने साफ कहा है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और लोगों की जागरूकता ही इस तरह की ठगी को रोकने का सबसे बड़ा हथियार है।