#अपराध
November 14, 2025
हिमाचल : थाने में मदद मांगने पहुंचे गांववाले, शराबी कांस्टेबल ने किया परेशान-SP मैडम ने लगाई क्लास
ग्रामीणों की मांग पर सस्पेंड हुआ हेड कांस्टेबल
शेयर करें:

लाहौल-स्पीति। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति के जिला मुख्यालय केलांग में बुधवार देर रात एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने पुलिस-जनता संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। थाने में एक वित्तीय विवाद को लेकर पहुंचे ग्रामीणों और ड्यूटी पर मौजूद हेड कांस्टेबल के बीच जमकर बहसबाज़ी और हंगामा हो गया।
मामला तब बिगड़ गया जब ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल शराब के नशे में धुत्त था और लोगों से बदसलूकी कर रहा था। हालात बेकाबू होते देख SP शिवानी मेहला को रात में ही थाने पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा। बाद में आरोपी पुलिसकर्मी को तुरंत निलंबित कर दिया गया।
यह पूरा विवाद एक बागवान और स्थानीय व्यापारी के बीच पैसों के लेन-देन से जुड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पहले ही समझौता हो चुका था, लेकिन बाद में व्यापारी ने थाने से फोन कर उन्हें धमकाया, जिसके बाद नाराज ग्रामीण रात को ही शिकायत लेकर केलांग थाने पहुंच गए।
थाने में मौजूद हेड कांस्टेबल की भूमिका को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत लेकर पहुंचे लोगों से न केवल उसने बत्तमीजी की, बल्कि वह खुद नशे की हालत में था और जांच की दिशा भी भटका रहा था।
घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ग्रामीण हेड कांस्टेबल से लगातार सवाल पूछ रहे हैं कि हमारे पैसे कौन दिलाएगा? क्या आरोपी का मेडिकल करवाया गया? “नशे में ड्यूटी कैसे कर रहे हो?
एक ग्रामीण आरोप लगाता है कि व्यापारी धर्मेंद्र नाम का व्यक्ति उनसे पहले भी धमकी दे चुका है और कह रहा था मैं 500 लोग लेकर गांव आऊंगा। हेड कांस्टेबल इन सवालों का जवाब देने की बजाय उल्टा ग्रामीणों पर आरोप लगाते हुए नजर आया।
वीडियो में वह यह भी कहता हुआ सुना गया है कि आप लोगों ने बोलने का मौका ही नहीं दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिसकर्मी ने गाली-गलौज भी की और आरोपी व्यापारी का न तो सही मेडिकल करवाया और न ही कानूनी कार्रवाई में कोई गंभीरता दिखाई।
ग्रामीणों ने गुस्से में यह भी कहा कि वे खुद हेड कांस्टेबल को मेडिकल के लिए ले जाएंगे और मामले की शिकायत SP शिवानी मेहला तक पहुंचाएंगे। इसी दौरान कई लोग यह कहते सुने गए कि पुलिसकर्मी एक “पुलिस जवान एप्लीकेशन” का हवाला देकर बचने की कोशिश कर रहा था और कह रहा था कि आरोपी को कल आने के लिए बुलाया गया है।
चूंकि मामला देर रात तेजी से तनावपूर्ण होता जा रहा था, इसलिए SP शिवानी मेहला को रात में ही थाने पहुंचना पड़ा। उनके पहुंचने पर स्थिति कुछ शांत हुई। उन्होंने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं और हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। पंचायत प्रधान को भी मौके पर बुलाया गया, ताकि घटना की निष्पक्ष तरीके से समीक्षा हो सके।
घटना की गंभीरता और पुलिस की छवि पर पड़े प्रभाव को देखते हुए विभाग ने ड्यूटी पर मौजूद हेड कांस्टेबल को तत्काल निलंबित कर दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निलंबित कर्मी के खिलाफ आगे departmental inquiry शुरू कर दी गई है।
दिलचस्प बात यह है कि बागवान और व्यापारी के बीच पहले ही विवाद का निपटारा हो चुका था। लेकिन थाने से व्यापारी के धमकी भरे कॉल के बाद हालात फिर बिगड़ गए और मामला सीधे थाने में हंगामे तक पहुंच गया।