ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक सरकारी स्कूल में उस समय हड़कंप मच गया, जब स्कूल के भीतर एक कमरे में दो बेहद जहरीले सांप दिखाई दिए। सांपों को देखते ही बच्चों और स्कूल स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि समय रहते स्टाफ की नजर इन सांपों पर पड़ गई और एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

 

मामला गवर्नमेंट हाई स्कूल जनकौर का है, जहां मंगलवार सुबह स्कूल खुलने के बाद मिड-डे मील से जुड़े कमरे की सफाई के दौरान रसेल वाइपर सांपों का एक जोड़ा दिखाई दिया। जहरीले सांपों को देखते ही स्टाफ ने तुरंत सतर्कता बरती और बच्चों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया।

कमरे में दिखा खौफनाक नजारा

जानकारी के अनुसार सुबह स्कूल खुलने के बाद मिड-डे मील वर्कर और स्कूल स्टाफ कमरे की सफाई के लिए पहुंचे थे। यह कमरा बच्चों को भोजन करवाने और मिड-डे मील से संबंधित गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जैसे ही कमरे का दरवाजा खोला गया, अंदर का नजारा देखकर स्टाफ के होश उड़ गए।

 

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कमरे के भीतर रसेल वाइपर के दो सांप मौजूद थे। दोनों सांप एक जगह कुंडली मारकर बैठे हुए थे। अचानक सामने आए जहरीले सांपों को देखकर वहां मौजूद लोगों में डर का माहौल बन गया। तुरंत स्कूल में मौजूद बच्चों को उस हिस्से से दूर किया गया और कमरे को खाली करवा दिया गया।

मिड-डे मील कमरे में पहुंचे जहरीले सांप

जिस जगह सांपों का जोड़ा मिला, वह कोई सुनसान कमरा नहीं था। इस कमरे का इस्तेमाल मिड-डे मील से जुड़े कामों के लिए किया जाता है। ऐसे में अगर सांपों पर समय रहते नजर नहीं पड़ती और कोई बच्चा, मिड-डे मील वर्कर या कर्मचारी अचानक कमरे में पहुंच जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। स्कूल प्रबंधन के अनुसार कमरे की एक दीवार के पास छोटा-सा छेद भी बना हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि इसी रास्ते से सांप कमरे के भीतर पहुंचे होंगे। बारिश और मौसम में बदलाव के बीच सांपों के स्कूल भवन के अंदर आने की आशंका जताई जा रही है।

 

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बच्चों और स्टाफ में मची अफरा-तफरी

दो जहरीले सांपों को एक साथ देखकर स्कूल परिसर में कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और स्टाफ ने भी सावधानी बरतते हुए सांपों से दूरी बनाए रखी। स्कूल प्रबंधन ने बिना जोखिम उठाए तुरंत स्नेक कैचर से संपर्क किया, ताकि सांपों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाला जा सके।

स्नेक कैचर ने रेस्क्यू किए सांप

स्कूल की कार्यकारी मुख्याध्यापिका अंजू बाला और टीजीटी हिंदी मंजीत कौर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्नेक कैचर जितेंद्र उर्फ बल्लू से संपर्क किया। सूचना मिलते ही स्नेक कैचर स्कूल पहुंचा और काफी सावधानी के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों रसेल वाइपर को सुरक्षित तरीके से पकड़ लिया गया। इसके बाद दोनों सांपों को आबादी से दूर सुरक्षित जंगली क्षेत्र में छोड़ दिया गया। सांपों के रेस्क्यू होने के बाद स्कूल स्टाफ और बच्चों ने राहत की सांस ली।

 

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तीन दिन पहले SP आवास से भी निकले थे दो सांप

ऊना में इन दिनों जहरीले सांपों के रिहायशी और संस्थागत परिसरों में पहुंचने के मामले सामने आ रहे हैं। स्नेक कैचर जितेंद्र ने बताया कि कुछ दिन पहले ही एसपी ऊना के सरकारी आवास से भी दो खतरनाक सांपों का रेस्क्यू किया गया था। उन्होंने बताया कि वहां से एक रसेल वाइपर और एक कोबरा को सुरक्षित तरीके से पकड़ा गया था। दोनों सांपों को बाद में आबादी से दूर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया गया।

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टल सकता था बड़ा हादसा

जनकौर स्कूल में हुई घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बरसात और मौसम बदलने के दौरान स्कूलों तथा घरों में सांपों के प्रवेश को लेकर कितनी सतर्कता जरूरी है। मंगलवार को अगर सफाई के दौरान स्टाफ की नजर कमरे में मौजूद दोनों जहरीले सांपों पर नहीं पड़ती तो कोई बच्चा या कर्मचारी अनजाने में उनके संपर्क में आ सकता था।

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