शिमला। हिमाचल प्रदेश में रबी सीजन की तैयारी कर रहे किसानों को इस बार गेहूं के बीज के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे। प्रदेश सरकार ने बीज की नई कीमत तय कर दी है, जिसके बाद किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। अब सवाल यह है कि गेहूं के बीज के दाम कितने बढ़े हैं और किसानों को इसके लिए कितनी कीमत चुकानी होगी। 

कुल्लू में पहुंचा 450 क्विंटल गेहूं का बीज

कुल्लू जिले में अब तक गेहूं के बीज की 450 क्विंटल खेप पहुंच चुकी है। अगले दो से तीन दिनों में 600 क्विंटल बीज और पहुंचने की उम्मीद है। कृषि विभाग ने एचडी-3226 किस्म के बीज को अपने वितरण केंद्रों तक पहुंचा दिया है। इससे किसानों को बीज लेने में आसानी होगी और वे समय पर खेतों में बिजाई कर सकेंगे।

 

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कृषि विभाग कुल्लू की उपनिदेशक डॉ. रितु गुप्ता ने बताया कि किसानों को गेहूं का बीज 33 रुपये प्रति किलो के हिसाब से दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में 450 क्विंटल बीज पहुंच चुका है और इसे वितरण केंद्रों तक भेज दिया गया है। अगले दो से तीन दिनों में बीज की एक और खेप आने की उम्मीद है।

कुल्लू में 11 हजार हेक्टेयर जमीन पर उगाया जाता है गेहूं

कुल्लू जिले में करीब 11 हजार हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की खेती होती है। इन दिनों गांवों में किसान रबी सीजन की फसल लगाने की तैयारी कर रहे हैं। खेतों की जुताई का काम चल रहा है और कई किसानों ने बिजाई के लिए अपने खेत तैयार कर लिए हैं। अब किसानों को गेहूं के बीज का इंतजार है, ताकि वे समय पर फसल लगा सकें।

 

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किसानों को है बीज मिलने का इंतजार

किसान मोहर सिंह, सुनील कुमार, खुशहाल सिंह, बालकृष्ण शर्मा और बलदेव राज का कहना है कि उनके खेत गेहूं की बिजाई के लिए तैयार हैं। किसान फसल लगाने की तैयारी कर चुके हैं, लेकिन इसके लिए बीज मिलना जरूरी है। किसानों को उम्मीद है कि जल्द बीज मिलने से वे समय पर बिजाई कर पाएंगे।

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