शिमला। हिंदू धर्म में हर त्योहार काफी धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाता है। कुछ त्योहार भाई-बहन के प्यार का प्रतीक होते हैं। रक्षा बंधन और भाई दूज भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाने के लिए मनाया जाता है।
भाई दूज आज
हर साल भाई दूज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल 3 नवंबर यानी आज भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। आज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाकर उनके हाथ पर मौली बांधेगी और अपने भाई की लंबी उम्र और रक्षा के लिए कामना करेंगी। यह भी पढ़ें : हिमाचल : शाही महात्मा ड्रग गैंग के 8 और लोग अरेस्ट, अब तक 34 हुए गिरफ्तारक्यों मनाते हैं भाई दूज
भाई दूज भाई-बहन के रिश्ते को मनाने का पर्व है। इस दिन बहनें यमराज की पूजा करती हैं ताकि उनके भाई की उम्र लंबी हो और वे जीवन में सफलता प्राप्त करें। बहनें भाई का तिलक करती हैं, जबकि भाई उपहार देते हैं। यह पर्व प्रेम, सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक है, जो भाई-बहन के बीच की बंधन को मजबूत करता है।टतिलक लगाने का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि बीते कल यानी 2 नवंबर को रात 08 बजकर 21 मिनट पर शुरू हो गई थी। मगर इसका समापन 3 नवंबर को 11 बजकर 6 मिनट पर होगा। तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से दोपहर 3 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। यह भी पढ़ें : हिमाचल : कुहल में बेसुध पड़ा मिला व्यक्ति, सिर पर लगी थी गंभीर चोटेंकैसे लगाएं तिलक ?
भाई दूज पर बहनें अपने भाई को तिलक विधि के अनुसार लगाती हैं। जैसे-- सबसे पहले तिलक और आरती की थाली तैयार करें।चावल
- के मिश्रण से एक चौकी बना लें।
- चौकी पर भाई को बैठाकर शुभ मुहूर्त में उसका तिलक करें।
- भाई को सुपारी, पान, बताशे फूल आदि देकर उसकी आरती उतारे।
- भाई अपनी बहन को उपहार और रक्षा का वचन दें।
