शिमला। दिवाली के बाद अब हिमाचल की सियासत का पारा चढ़ने वाला है। धर्मशाला के तपोवन में 16 नवंबर से विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का यह आखिरी शीतकालीन सत्र होगा। छह दिन तक चलने वाले इस सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है। वहीं, विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास कार्यों से जुड़े सवाल भी सदन में उठाएंगे।

सत्र की तैयारियां तेज, 6 दिनों में होंगी 6 बैठकें

छह दिन तक चलने वाले इस सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय में तैयारियां शुरू हो गई हैं। जल्द ही इसकी आधिकारिक अधिसूचना भी जारी हो सकती है। इस बार सत्र में कुल 6 बैठकें होंगी। इनमें एक दिन गैर-सरकारी सदस्य कार्य दिवस के लिए रखा गया है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : आपका कार्ड भी हो सकता है ब्लॉक! 3 महीने से डिपुओं में खराब हो रही राशन, अब होगा एक्शन

सत्ता पक्ष और विपक्ष में हो सकती है तीखी बहस

सरकार के मौजूदा कार्यकाल के आखिरी शीतकालीन सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस होने की उम्मीद है। सत्र की शुरुआत परंपरा के अनुसार शोकोद्गार के साथ होगी। माना जा रहा है कि कई मुद्दों पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ सकते हैं।

विधायक उठा सकेंगे अपने-अपने क्षेत्रों के मुद्दे

अधिसूचना जारी होने के बाद विधायक अपने क्षेत्रों से जुड़े सवाल सदन में उठा सकेंगे। विकास कार्यों, स्थानीय समस्याओं और सरकार के फैसलों को लेकर विधायक ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से सवाल और चर्चा के नोटिस भेज पाएंगे। सरकार भी कुछ अहम संशोधन विधेयक सदन में पेश कर उन्हें पास कराने की तैयारी में है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल : महज 3 हजार रुपये के लिए कर दी मिस्त्री की ह**त्या, पुलिस ने बिहार से दबोचा आरोपी

दिसंबर की जगह नवंबर में क्यों हो रहा सत्र?

इस बार शीतकालीन सत्र दिसंबर के बजाय नवंबर में कराया जा रहा है। इसके पीछे कांगड़ा के पर्यटन कारोबार को मुख्य वजह माना जा रहा है। सरकार कांगड़ा को पहले ही प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित कर चुकी है।

 

दिसंबर में पर्यटकों की रहती है भारी भीड़

दिसंबर में धर्मशाला, मैकलोडगंज और आसपास के पर्यटन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान वीआईपी आवाजाही बढ़ने से पर्यटकों और स्थानीय कारोबारियों को परेशानी हो सकती है। इसी वजह से लगातार दूसरे साल सत्र को नवंबर के तीसरे हफ्ते में रखा जा रहा है।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल की राजधानी में लगा लंबा जाम, कई घंटों तक फंसी रही AMBULANCE- रॉंग पार्किंग ने किया परेशान

पिछले साल 8 बैठकें हुई थीं

साल 2025 में हिमाचल विधानसभा का शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से 5 दिसंबर तक चला था। उस दौरान कुल 8 बैठकें हुई थीं। इस बार सत्र को छोटा करते हुए सिर्फ 6 बैठकों तक रखा गया है।

अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर लगेगी रोक

सत्र की तारीख तय होते ही विधानसभा और संबंधित विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाई जाएगी। दिवाली के तुरंत बाद प्रशासनिक कामकाज भी तेज हो जाएगा। खास या आपात स्थिति को छोड़कर कर्मचारियों को सत्र खत्म होने तक छुट्टी नहीं दी जाएगी, ताकि विधानसभा का काम बिना किसी रुकावट के चल सके।