ऊना। हिमाचल प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने लगे हैं। हमीरपुर से भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ऊना जिले के हरोली विधानसभा क्षेत्र के पालकवाह में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह के दौरान कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्ष की राजनीति, चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों और हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए।
अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि कांग्रेस चुनावों में हार के बाद अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय ईवीएम, चुनाव आयोग और जनता को निशाना बनाती है। वहीं, हिमाचल कांग्रेस पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने देशभर में देवभूमि की छवि खराब करने का काम किया है। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया कि उसकी राजनीति ‘उधार लेकर मित्रों का उद्धार’ करने तक सीमित हो गई है।
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राहुल गांधी और विपक्ष की राजनीति पर सवाल
अनुराग ठाकुर ने विपक्ष की चुनावी रणनीति को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद विपक्षी नेता अपनी राजनीतिक विफलताओं की जिम्मेदारी लेने के बजाय चुनाव प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने राहुल गांधी और विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावी परिणामों को स्वीकार करना और जनता के फैसले का सम्मान करना जरूरी है।
जिस नेता के नाम पर मांगते थे वोट, अब उसी से बना ली दूरी’
हिमाचल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर हमला करते हुए अनुराग ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम का मुद्दा उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की अनुपस्थिति पर सवाल खड़े किए। उनके मुताबिक, यह घटनाक्रम कांग्रेस के भीतर मौजूद मतभेदों की ओर इशारा करता है।
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अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि चुनावों के दौरान जिन वीरभद्र सिंह के नाम और तस्वीरों के सहारे पार्टी जनता से समर्थन मांगती रही, अब उन्हीं की राजनीतिक विरासत से जुड़े कार्यक्रमों में पार्टी के कुछ प्रमुख चेहरों की गैरमौजूदगी सवाल खड़े कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले वीरभद्र सिंह के परिवार के साथ राजनीतिक दूरियां बढ़ीं और अब पार्टी के भीतर भी यह दूरी दिखाई देने लगी है।
वीरभद्र सिंह हिमाचल प्रदेश की राजनीति के प्रमुख नेताओं में रहे और छह बार मुख्यमंत्री बने। उनकी राजनीतिक विरासत को लेकर कांग्रेस के भीतर होने वाली चर्चा अब भाजपा के हमलों का भी हिस्सा बन रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रतिमा अनावरण समारोह में अपनी अनुपस्थिति को गुटबाजी से जोड़ने से इनकार किया था। ऐसे में इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।
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देवभूमि की छवि खराब कर रही कांग्रेस सरकार
अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के फैसलों और नीतियों के कारण देशभर में देवभूमि हिमाचल की छवि प्रभावित हुई है। उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के विकास, रोजगार और जनहित से जुड़े मुद्दों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कांग्रेस की नीति पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘उधार लेकर मित्रों का उद्धार’ करने की राजनीति से प्रदेश का व्यापक हित सुनिश्चित नहीं हो सकता। अनुराग ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार को अपने निर्णयों और प्राथमिकताओं के बारे में जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
पंचायती चुनावों को बताया जनता के मूड का संकेत
हरोली के पालकवाह में आयोजित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह में अनुराग ठाकुर ने हाल ही में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में निर्वाचित भाजपा समर्थित प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों, पंचायत प्रधानों, उपप्रधानों और वार्ड पंचों को सम्मान दिया गया।
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अनुराग ठाकुर ने दावा किया कि पंचायत चुनावों के नतीजे कांग्रेस सरकार के प्रति जनता की नाराजगी का संकेत हैं और यही जनभावना आगामी विधानसभा चुनावों में भी दिखाई दे सकती है। यह भाजपा सांसद का राजनीतिक आकलन है; पंचायत चुनावों के नतीजों को विधानसभा चुनावों का निश्चित संकेत नहीं माना जा सकता।
हरोली बल्क ड्रग पार्क को लेकर सुक्खू सरकार से सवाल
हरोली में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क का मुद्दा भी अनुराग ठाकुर के संबोधन में प्रमुखता से सामने आया। उन्होंने इस परियोजना को हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक विकास और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों से जोड़ते हुए राज्य सरकार से काम में तेजी लाने की अपील की।
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अनुराग ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद देश में दवाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल का घरेलू उत्पादन बढ़ाने की जरूरत महसूस हुई थी। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने बल्क ड्रग पार्क जैसी परियोजनाओं को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि ऊना के हरोली में प्रस्तावित यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।
उन्होंने दावा किया कि परियोजना को आगे बढ़ाने में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व वाली सरकार और केंद्र के सहयोग की भूमिका रही। साथ ही उन्होंने मौजूदा राज्य सरकार से आग्रह किया कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि परियोजना के संभावित लाभ समय पर प्रदेश तक पहुंच सकें।
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2027 से पहले भाजपा का पंचायत स्तर पर जोर
हरोली में आयोजित सम्मान समारोह को भाजपा की जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है। पंचायत चुनावों में निर्वाचित प्रतिनिधियों को सम्मानित करने के साथ अनुराग ठाकुर ने ग्रामीण विकास, संगठनात्मक भागीदारी और राज्य सरकार के कामकाज जैसे मुद्दों को उठाया। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए स्थानीय स्तर पर समर्थन, जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता अहम रहने वाली है। भाजपा पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से गांवों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर जोर दे रही है, जबकि कांग्रेस सरकार के लिए विकास कार्यों और नीतियों के जरिए जनता के बीच अपना पक्ष रखने की चुनौती होगी।
