ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना स्थित क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत के बाद मामला गरमा गया है। गुस्साए परिजनों ने दोनों के शव रेड लाइट चौक पर रखकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर दी। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग की। 

सरकार ने महिला डॉक्टर को किया सस्पेंड

मामले की गंभीरता को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रियंका शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंघमार की ओर से निलंबन के आदेश जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई ड्यूटी से अनुपस्थित रहने और मामले की शुरुआती जांच के दौरान डॉक्टर के उपलब्ध नहीं होने के बाद की गई है।

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निलंबन के दौरान शिमला रहेगा मुख्यालय

निलंबन की अवधि में डॉ. प्रियंका शर्मा का मुख्यालय स्वास्थ्य सेवा निदेशालय, शिमला तय किया गया है। वह सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी। वहीं, पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।

रेड लाइट चौक पर शव रखकर किया प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, ऊपरी अरनियाला निवासी रीना देवी, पत्नी राजीव कुमार, को 7 अक्तूबर को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती करवाया गया था। इलाज के दौरान रीना देवी और उनके नवजात बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और अस्पताल में हंगामा किया।

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क्या था मामला ? 

जानकारी के अनुसार, ऊपरी अरनियाला निवासी रीना देवी, पत्नी राजीव कुमार, को 7 अक्तूबर को प्रसव के लिए क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में भर्ती करवाया गया था। परिजनों का कहना है कि वह करीब तीन दिन से अस्पताल में भर्ती थी और उसका इलाज चल रहा था।

 

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डॉक्टरों ने महिला के जो भी टेस्ट करवाने को कहे थे, परिवार ने सभी टेस्ट करवाए। परिवार के मुताबिक, गर्भ में पल रहे बच्चे की दिल की धड़कन भी समय-समय पर चेक की जा रही थी, लेकिन किसी तरह की कोई परेशानी नहीं बताई।  

सुबह बिगड़ी महिला की हालत 

परिवार का आरोप है कि सुबह डॉक्टरों ने महिला को अस्पताल के बाहर चक्कर लगाने के लिए कहा। इसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। जब उसकी प्रसव पीड़ा बढ़ी तो डॉक्टर उसे MCH परिसर के ऑपरेशन थिएटर में ले गए। डॉक्टरों ने महिला और बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन अनकी जान नहीं बच पाई। महिला और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत की खबर सुनते ही परिवार के लोग सदमे में आ गए और अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया।

 

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गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे परिजन

शनिवार को परिजनों और स्थानीय लोगों ने दोनों शवों को रेड लाइट चौक पर रखकर सड़क जाम कर दी। इससे शहर में यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शन कर रहे लोग अस्पताल प्रबंधन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। परिजनों की मांग है कि मामले में जिम्मेदार डॉक्टर को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें न्याय मिले।

 

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