ऊना/हमीरपुर। देवभूमि हिमाचल प्रदेश की एक और बेटी ने अपनी असाधारण बौद्धिक क्षमता और वैज्ञानिक अनुसंधान के दम पर पूरी दुनिया में देश का सिर फक्र से ऊंचा कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाली प्रसिद्ध फॉर्मूलेशन साइंटिस्ट डॉ. मीनाक्षी कंवर चौहान ने एक बार फिर एक बड़ी वैश्विक उपलब्धि अपने नाम कर ली है।

 

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर (Elsevier) द्वारा जारी की गई नवीनतम और प्रतिष्ठित ग्लोबल 'टॉप 2% साइंटिस्ट्स' की सूची में डॉ. मीनाक्षी को लगातार पांचवें वर्ष दुनिया के शीर्ष वैज्ञानिकों की इस अत्यंत प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। इस शानदार कामयाबी से न सिर्फ देवभूमि हिमाचल, बल्कि पूरे देश का वैज्ञानिक और शैक्षणिक जगत गौरवान्वित महसूस कर रहा है। बेटी की इस महान उपलब्धि पर हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं देश के कद्दावर नेता अनुराग ठाकुर ने आगे आकर विशेष रूप से अपनी शुभकामनाएं दी हैं और उनके समर्पण को नमन किया है।

 

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अनुराग ठाकुर ने बताया गर्व का क्षण

डॉ. मीनाक्षी कंवर चौहान की इस वैश्विक सफलता पर हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने बेहद गर्व और उत्साह के साथ अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। सांसद अनुराग ठाकुर ने सोशल मीडिया और अपने आधिकारिक संदेश के माध्यम से कहा:-

 

"यह अत्यंत हर्ष का विषय है कि मेरे हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के ऊना जिले की रहने वाली डॉ. मीनाक्षी कंवर चौहान को, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर द्वारा लगातार पांचवें वर्ष दुनिया के शीर्ष 2% वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है।"

लगातार पांचवे वर्ष हासिल की बड़ी उपलब्धि

हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर ने डॉ. मीनाक्षी कंवर चौहान की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उल्लेख किया कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और एल्सेवियर (Elsevier) से जुड़ी वैश्विक वैज्ञानिक रैंकिंग में लगातार पांचवें वर्ष स्थान हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। डॉ. मीनाक्षी का शोध कार्य फार्मास्युटिकल नैनोटेक्नोलॉजी, नवीन औषधि वितरण प्रणालियों और उन्नत दवा निर्माण तकनीकों पर केंद्रित है।

 

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उनके अनुसंधान में आंखों और त्वचा के माध्यम से दवाओं को शरीर तक पहुंचाने तथा लक्षित दवा वितरण जैसी महत्वपूर्ण दिशाओं पर काम शामिल है। अनुराग ठाकुर ने इस उपलब्धि को देवभूमि हिमाचल की वैज्ञानिक प्रतिभा और देश की अनुसंधान क्षमता का उदाहरण बताते हुए डॉ. मीनाक्षी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

अंब की बेटी ने अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत में बनाई पहचान

डॉ. मीनाक्षी कंवर चौहान हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंब क्षेत्र की मूल निवासी हैं। वह अंब के नंबरदार कंवर गुरबख्श सिंह की पुत्री हैं। अपनी शैक्षणिक योग्यता और शोध कार्य के दम पर उन्होंने फार्मास्युटिकल साइंसेज के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। वर्तमान में वह नई दिल्ली स्थित दिल्ली फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (DPSRU) के फार्मास्यूटिक्स विभाग में संकाय सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज (UIPS) से उच्च शिक्षा प्राप्त की है।

 

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डॉ. मीनाक्षी को फॉर्मूलेशन साइंस और नई दवा वितरण तकनीकों के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए जाना जाता है। उनका कार्य ऐसी औषधि प्रणालियों के विकास से जुड़ा है, जिनसे दवाओं को अधिक प्रभावी तरीके से निर्धारित स्थान तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

100 से अधिक शोध पत्र और पुस्तक अध्याय प्रकाशित

डॉ. मीनाक्षी कंवर चौहान का शोध कार्य केवल अकादमिक दायरे तक सीमित नहीं है। वह अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र तथा पुस्तक अध्याय प्रकाशित कर चुकी हैं। नवीन औषधि वितरण प्रणालियों के विकास में उनके अनुसंधान को विशेष महत्व दिया जाता है। उनके शोध में फार्मास्युटिकल नैनोटेक्नोलॉजी, उन्नत फॉर्मूलेशन और लक्षित दवा वितरण जैसे विषय प्रमुख हैं। इस क्षेत्र में उन्हें एक भारतीय पेटेंट भी प्राप्त है। इसके अतिरिक्त, उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें विभिन्न सरकारी अनुदान और पुरस्कार मिल चुके हैं। वह कई उच्चस्तरीय वैज्ञानिक समितियों से भी जुड़ी हुई हैं।

 

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क्या है दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची?

दुनिया के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रभाव और विभिन्न शोध-संबंधी मानकों के आधार पर तैयार की जाती है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं और एल्सेवियर के सहयोग से प्रकाशित इस रैंकिंग में वैज्ञानिकों के शोध प्रकाशनों, उद्धरणों और अन्य प्रासंगिक संकेतकों को ध्यान में रखा जाता है। इस सूची में जगह मिलना किसी शोधकर्ता के वैज्ञानिक योगदान और उसके शोध के प्रभाव की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान का संकेत माना जाता है। डॉ. मीनाक्षी का लगातार पांचवें वर्ष इस सूची में शामिल होना उनके अनुसंधान कार्य की निरंतरता को रेखांकित करता है।

 

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युवा शोधकर्ताओं के लिए प्रेरणा बनीं डॉ. मीनाक्षी

डॉ. मीनाक्षी कंवर चौहान की उपलब्धि हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों और युवा वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा है। छोटे शहर और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत में पहचान बनाना यह दिखाता है कि निरंतर मेहनत, गुणवत्तापूर्ण शोध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से वैश्विक स्तर पर योगदान दिया जा सकता है। उनकी सफलता से ऊना जिले सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में गर्व का माहौल है। वहीं, सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से दी गई बधाई ने इस उपलब्धि को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

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