शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। मामले में मृतका के भाई हिमांक मित्तल ने कई दावे करते हुए हत्या के पीछे स्कूल पर कब्जे की साजिश का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और गिरफ्तार दोनों शूटर सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं।

हिमांक का दावा- शिमला के स्कूल पर कई लोगों की थी नजर

रोहतक में मीडिया से बातचीत के दौरान हिमांक मित्तल ने कहा कि शिमला स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल पर कई लोगों की नजर थी और कुछ लोग इस संस्थान को अपने कब्जे में लेना चाहते थे। उनका दावा है कि इन्हीं कारणों से उनकी बहन मनीषा मित्तल की हत्या कराई गई। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

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2016 में पिता ने मुझे बनाया था वाइस प्रेसिडेंट

हिमांक के अनुसार, शिमला का स्कूल एक सोसायटी के माध्यम से संचालित होता है और वर्ष 2016 में उनके पिता धर्मपाल मित्तल ने उन्हें मनीषा की जगह वाइस प्रेसिडेंट नियुक्त किया था। उन्होंने बताया कि उस समय मनीषा ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी। वहीं रोहतक स्थित स्कूल भी वर्ष 2017-18 में उनके नाम किया गया था, लेकिन माता-पिता के निधन के बाद विवाद शुरू हुआ।

'मनीषा ने लगाए थे झूठे आरोप'

हिमांक मित्तल ने कहा कि मनीषा द्वारा लगाए गए जान से मारने और धमकी देने के आरोप निराधार हैं। उनका कहना है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और जो भी विवाद रहे, वे सिविल प्रकृति के थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि मनीषा ने उनके खिलाफ 40 से 50 मामले दर्ज कराए थे, जिनका उन्होंने कानूनी तरीके से जवाब दिया।

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पति से विवाद और कई कानूनी मामलों का भी किया जिक्र

हिमांक ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों से मनीषा और उनके पति के बीच विवाद चल रहा था। उन्होंने यह भी कहा कि मनीषा की बेटी ने पुलिस को बताया है कि 12 जून को रेवाड़ी में पति के साथ विवाद के बाद मनीषा उसी दिन वापस शिमला लौट आई थीं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि बहन ने उन पर उनकी मां की हत्या तक का आरोप लगाया था, जिसके बाद उन्होंने उससे संबंध समाप्त कर लिए थे।

भाई ने कहा- मुझ पर भी हुआ था हमला

हिमांक मित्तल ने बताया कि एक जून को सिंहपुरा रोड पर उन पर भी हमला हुआ था, जिसमें उनके हाथ-पैर में गंभीर चोटें आई थीं और पैर में रॉड डालनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि अब मनीषा की हत्या के बाद उन्हें अपनी सुरक्षा की भी चिंता है और उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए।

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स्कूल के बाहर हुई हत्या

गौरतलब है कि 13 जून को शिमला स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल के बाहर मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है और हत्या के पीछे की साजिश और मास्टरमाइंड तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं।

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