शिमला। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के बीच पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। एक छोटे से केस से शुरू हुई जांच ने पूरे नेटवर्क की परतें खोल दीं, जिसमें लाखों रुपये के लेनदेन और दूसरे राज्यों तक फैले कनेक्शन सामने आए। इसी कार्रवाई के तहत पुलिस ने बिहार से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस नशा तस्करी रैकेट से जुड़े हुए थे।
छोटी गिरफ्तारी से खुला बड़ा नशा नेटवर्क
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां एक मामला बीते 23 फरवरी 2026 को शिमला के बालूगंज थाने में दर्ज हुआ था। उस समय पुलिस ने अविनाश चौहान नाम के युवक को 6.7 ग्राम चिट्टे के साथ पकड़ा था। अविनाश, चौपाल का रहने वाला बताया गया है। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसके मोबाइल, बैंक खाते और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू की, तो धीरे-धीरे एक बड़ा नेटवर्क सामने आने लगा।
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शिमला से बिहार तक फैला पैसों का खेल
जांच में पता चला कि अविनाश अकेले इस काम में शामिल नहीं था, बल्कि वह शिमला से पैसे बिहार में बैठे अपने साथियों को भेजता था। ये लोग मिलकर नशे के इस पूरे नेटवर्क को चला रहे थे। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि इन पैसों का इस्तेमाल नशे की सप्लाई चेन को आगे बढ़ाने में किया जा रहा था।
मनी ट्रेल से खुली नेटवर्क की परतें
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस ने मनी ट्रेल यानी पैसों के लेनदेन को ट्रैक किया। इसी दौरान सामने आया कि बिहार के कुछ बैंक खातों में लगातार बड़ी रकम भेजी जा रही थी। इन्हीं खातों के जरिए पूरे नेटवर्क को ऑपरेट किया जा रहा था।
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बिहार में छापेमारी, दो आरोपी गिरफ्तार
इस सुराग के आधार पर शिमला पुलिस की टीम 24 अप्रैल 2026 को बिहार पहुंची और भोजपुर जिले के हरदुआ गांव में छापेमारी की। यहां से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान विशाल यादव उम्र 20 साल, पुत्र शहरी राम यादव और जय प्रकाश उम्र 27 साल, पुत्र हरी राम यादव के रूप में हुई है।
5 महीनों में 40 लाख का लेनदेन
दोनों को हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड पर शिमला लाया गया है, ताकि आगे की पूछताछ की जा सके। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि सिर्फ पांच महीने के अंदर विशाल यादव के बैंक खातों में लगभग 40 लाख रुपये का लेनदेन हुआ था। इतना ही नहीं, इन खातों से लगभग हर दिन पैसे निकाले जाते थे, जिससे पुलिस को शक है कि ये पैसा तुरंत आगे नशे के काम में लगा दिया जाता था।
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कई राज्यों के कनेक्शन आ चुकें हैं सामने
पुलिस अब इस पूरे गिरोह की गहराई से जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, और किन-किन राज्यों तक इसका फैलाव है। शुरुआती जांच में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल और भारत-नेपाल सीमा तक इसके कनेक्शन सामने आ चुके हैं।
111 लोगों पर FIR हो चुकी है दर्ज
शिमला पुलिस ने बताया कि इस साल अब तक NDPS एक्ट के तहत 111 FIR दर्ज की जा चुकी हैं और 235 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा पुलिस ने कई राज्यों में फैले सप्लाई नेटवर्क को भी तोड़ा है और 30 से ज्यादा आरोपियों को बैकवर्ड लिंकेज के जरिए पकड़ा गया है। साथ ही 35 आदतन नशा अपराधियों को PITNDPS एक्ट के तहत जेल भी भेजा गया है।
