बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश में लगातार बढ़ रहे चिट्टा तस्करी के मामलों के बीच बिलासपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लाखों रुपये के चिट्टा तस्करी मामले की जांच करते हुए पुलिस ने एक बड़े अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पंजाब के अमृतसर से पूरे नेटवर्क के मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपी के कब्जे से केवल चिट्टा ही नहीं, बल्कि एक अवैध पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं। हथियारों की बरामदगी ने इस पूरे मामले को और भी सनसनीखेज बना दिया है।

तीन तस्करों ने खोली पूरे नेटवर्क की परतें

इस पूरे गिरोह का खुलासा 27 जुलाई को बिलासपुर पुलिस की स्पेशल डिटेक्शन टीम द्वारा स्वारघाट थाना क्षेत्र में की गई कार्रवाई के बाद हुआ। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान तीन आरोपियों को 27.60 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी सुनील कुमार (48) और अनिल राठी (30) तथा कुल्लू जिले के नीरत सिंह (41) के रूप में हुई थी। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

 

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डिजिटल जांच ने पहुंचाया मुख्य सप्लायर तक

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन सहित अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच के दौरान पुलिस को कई अहम सुराग मिले। जांच में सामने आया कि बरामद चिट्टा पंजाब के अमृतसर निवासी विजय कुमार से खरीदा गया था। सूचना पुख्ता होने के बाद बिलासपुर पुलिस की विशेष टीम तुरंत पंजाब रवाना हुई और अमृतसर के सुल्तानविंड क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी में मिला चिट्टा, पिस्टल और जिंदा कारतूस

पुलिस ने जब आरोपी विजय कुमार की तलाशी ली तो उसके कब्जे से 12.46 ग्राम चिट्टा, एक अवैध पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए। चिट्टा तस्करी के साथ हथियार मिलने से यह आशंका भी गहरा गई है कि नशा तस्करी का यह नेटवर्क अन्य आपराधिक गतिविधियों से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है।

 

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पहले भी कई मामलों में शामिल रह चुका है आरोपी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विजय कुमार कोई नया तस्कर नहीं है। उसके खिलाफ पंजाब और हिमाचल प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से पांच मामले दर्ज हैं। इनमें अमृतसर के अलावा हिमाचल के कुल्लू और ऊना जिलों में दर्ज हैरोइन तस्करी के मामले भी शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि वह लंबे समय से हिमाचल में चिट्टे की सप्लाई कर रहा था।

अब होगी काली कमाई और संपत्तियों की जांच

बिलासपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। अब आरोपी के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन, चल-अचल संपत्तियों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गहन जांच की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशा तस्करी से अर्जित धन कहां-कहां लगाया गया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं।

 

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एसपी की दोटूक चेतावनी

एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले किसी भी तस्कर या मुख्य सप्लायर को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस आने वाले दिनों में भी ऐसे नेटवर्क के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रखेगी।

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