#हादसा
January 10, 2026
हिमाचल : ढलान में फिसली बस, खाए पांच पलटे- फ्रंट सीट पर बैठी सवारी ने बताया आंखों देखा मंजर
लोगों की चीखों से दहला पूरा इलाका, मची चीख-पुकार
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के हरिपुरधार में हुए दर्दनाक बस हादसे की भयावह तस्वीरें अब चश्मदीदों के बयानों से सामने आ रही हैं। इस हादसे में बाल-बाल बचे यात्री उस पल को याद कर सहम रहे हैं।
बस की फ्रंट सीट पर बैठे राज, जो इस समय क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में उपचाराधीन हैं, ने बताया कि बस जैसे ही सड़क पर जमे पाले पर चढ़ी, वह फिसलने लगी। चालक ने स्थिति संभालने के लिए स्टीयरिंग घुमाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
बस असंतुलित होकर खाई की ओर उतर गई और गिरते ही एक के बाद एक करीब पांच बार पलटी खा गई। राज के अनुसार, बस के पलटते ही भीतर चीख-पुकार मच गई। लोग सीटों से उछलकर इधर-उधर गिरने लगे। कुछ यात्री एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। उन्होंने बताया कि हादसा हरिपुरधार से करीब 200 मीटर पहले हुआ। सड़क पर पाला काफी ज्यादा जमा हुआ था, जिससे टायर का संतुलन बिगड़ गया।
राज ने बताया कि बस गिरने के कुछ ही देर बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और घायलों को निकालने की कोशिश शुरू कर दी। करीब 20 मिनट बाद प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे। इसके बाद बस से एक-एक कर यात्रियों को बाहर निकाला जाने लगा।
कुछ ही समय में हरिपुरधार क्षेत्र एंबुलेंस के सायरनों से गूंज उठा। जब तक प्रशासन की टीमें पूरी तरह मौके पर नहीं पहुंचीं, तब तक गंभीर घायल एक-दूसरे पर गिरे पड़े रहे और मदद के लिए आवाजें लगाते रहे। पुलिस के पहुंचने के बाद राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आई और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
शिमला से हरिपुरधार नानी के घर जा रही दिव्यांशी ने बताया कि बस में काफी भीड़ थी। जैसे ही बस फिसलनी शुरू हुई, भीतर बैठे सभी लोग डर गए। बस खाई की ओर खिसकने लगी और उसके बाद क्या हुआ, उन्हें कुछ याद नहीं। होश आने पर चारों ओर घायल लोग और चीख-पुकार का माहौल था।
हादसे में घायल ललित ने बताया कि बस के खाई की तरफ गिरते ही अंदर अफरा-तफरी मच गई। बस पलटियां खाने लगी और इसी दौरान कई लोग एक-दूसरे के नीचे दब गए। चारों तरफ से दर्द और मदद की आवाजें आ रही थीं। बचाव दल के पहुंचने तक घटनास्थल पर हालात बेहद भयावह बने रहे।
सोलन अस्पताल में भर्ती घायल विरमा ने बताया कि वे शिमला से हरिपुरधार अपने घर जा रही थीं। माघी त्योहार के चलते बस में यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा थी। जैसे ही हादसा हुआ, उन्हें समझ नहीं आया कि क्या करें। आसपास घायल लोगों की हालत देखकर वह बुरी तरह डर गई थीं। उन्होंने बताया कि जब तक बचाव दल पहुंचा, तब तक सभी सदमे की स्थिति में थे।
हरिपुरधार के आशीष ने बताया कि वे दो महीने बाद अपने घर लौट रहे थे। शिमला से बस में बैठे थे और उम्मीद थी कि शाम तक परिवार के पास पहुंच जाएंगे। लेकिन हरिपुरधार से महज 200 मीटर पहले ही बस खाई में पलट गई। उन्होंने कहा कि जैसे ही बस गिरी, आंखों के सामने अंधेरा छा गया और कुछ समझ में नहीं आया।
हादसे के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धनीराम शांडिल क्षेत्रीय अस्पताल सोलन पहुंचे और घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों का तुरंत और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि सभी घायलों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी और मरीजों को किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से बातचीत कर उन्हें ढांढस भी बंधाया।
स्थानीय लोगों और यात्रियों ने बताया कि इस रूट पर चलने वाली बसों की छतों पर भी कई स्टेशनों से सवारियां बैठती रही हैं। हालांकि, जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, उस समय बस की छत पर कोई यात्री मौजूद नहीं था। सिरमौर में माघी त्योहार के चलते इन दिनों बसों में अत्यधिक भीड़ देखी जा रही है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।
इस दर्दनाक हादसे में बस मालिक का परिवार भी चपेट में आ गया। जानकारी के अनुसार बस मालिक प्रताप सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी बोरा, कुपवी के बेटे राहुल, बेटी आस्था और भतीजी रियांशी भी बस में सवार थे। हादसे में भतीजी रियांशी (9 वर्ष), पुत्री दिलावर की मौत हो गई। इसके अलावा परिवार के ही चार वर्षीय मासूम क्यान की भी जान चली गई। क्यान की मां को चोटें आई हैं और उनका उपचार चल रहा है।