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February 12, 2026
हिमाचल में घने कोहरे का येलो अलर्ट : कब होगी बारिश-बर्फबारी? यहां जानें मौसम अपडेट
अगले चार दिन तक बारिश के नहीं कोई आसार
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में बीते कुछ दिनों से बारिश-बर्फबारी नहीं हो रही है। बर्फबारी का दीदार करने आए पर्यटकों के चेहरों पर भी मायूसी छाई हुई है। इसी बीच मौसम विभाग का अपडेट सामने आया है- जिससे लोगों के चेहरों पर रौनक लौट आई है।
दरअसल, मैदानी इलाकों में गुरुवार सुबह घना कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मंडी और बिलासपुर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
विभाग के अनुसार सुबह के समय विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रह सकती है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर बिलासपुर शहर, भाखड़ा बांध क्षेत्र, मंडी की बल्ह घाटी और सुंदरनगर के आसपास घना कोहरा अधिक प्रभाव डाल सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे की वजह से सुबह 10 बजे तक हालात ज्यादा चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। ऐसे में वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने, हेडलाइट का सही उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
स्कूल बसों और दफ्तर जाने वाले लोगों को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि कोहरा अधिक घना रहता है तो कुछ स्थानों पर यातायात को नियंत्रित किया जा सकता है, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश में 15 फरवरी तक मौसम साफ बना रहेगा। इन चार दिनों में धूप खिलने के आसार हैं और कहीं भी बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है।
साफ मौसम की वजह से दिन के समय तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, सुबह और रात के समय ठंड का असर बना रहेगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहां कोहरा ज्यादा रहेगा।
मौसम विभाग ने बताया है कि 16 फरवरी को एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। हालांकि यह सिस्टम कमजोर माना जा रहा है। इसका प्रभाव मुख्य रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में दिखाई देगा।
अगले 48 घंटों के दौरान ऊपरी पहाड़ी इलाकों में हल्के बादल छाने या बहुत हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना हो सकती है, जबकि मैदानी और मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम सामान्य और साफ बना रहेगा।
पिछले दो दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिन के समय धूप निकलने से तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर पहुंचा है। वहीं न्यूनतम तापमान कोहरे की वजह से औसत के आसपास बना हुआ है। कोहरा सूर्य की किरणों को जमीन तक पूरी तरह पहुंचने से रोकता है, जिससे रात और सुबह की ठंड बरकरार रहती है।
इस साल सर्दियों के मौसम में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। एक जनवरी से 11 फरवरी के बीच प्रदेश में सामान्यतः 117.9 मिलीमीटर वर्षा होती है, लेकिन इस बार 101.8 मिलीमीटर ही बारिश दर्ज की गई। यानी करीब 14 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा और शिमला जिलों में सामान्य से काफी कम बारिश और बर्फबारी हुई है, जिसका असर खेती-बागवानी और जल स्रोतों पर पड़ सकता है। हालांकि कुछ अन्य जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे कुल आंकड़ों में संतुलन बना रहा।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बड़े स्तर की बारिश या बर्फबारी की संभावना नहीं है। ऐसे में जल स्रोतों और खेती से जुड़े लोगों की नजर आगामी पश्चिमी विक्षोभों पर बनी हुई है। फिलहाल प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में कोहरे से सतर्क रहने और साफ मौसम का लाभ उठाने की सलाह दी गई है।