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August 8, 2025

हैप्पी रक्षाबंधन: ये है भाई की कलाई पर राखी बांधने का मुहूर्त- जानें पूजा की पूरी विधि

आज नहीं है भद्रा काल

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Raksha Bandhan 2025

शिमला। हिमाचल प्रदेश में आज रक्षा बंधन धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार का रक्षा बंधन इसलिए भी खास है क्योंकि इस बार रक्षा बंधन पर भद्रा का साया नहीं पड़ेगा। आइए जानते हैं आप किस समय अपने भाई को राखी बांध सकती हैं। 

कब था भद्रा का साया 

8 अगस्त 2025 को दोपहर 2:12 बजे भद्रा की शुरुआत हुई और ये 9 अगस्त की सुबह 1:52 बजे खत्म हो गई। यानी आज शनिवार 9 अगस्त को सूर्योदय से पहले ही भद्रा खत्म हो चुकी है। ऐसे में पूरा दिन राखी बांधी जा सकती है। हालांकि शुभ समय भी तय है।

 

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शुभ समय में बांधें राखी

आज शनिवार सुबह 5:47 बजे से ही राखी बांधने का शुभ समय शुरु हो चुका है। ये समय दोपहर 1:24 तक चलेगा। इस बीच बहनें भाइयों को पूजा आरती के साथ राखी बांध सकती हैं। ये वक्त पंचांग के मुताबिक शुभ माना गया है।

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आज कोई जल्दबाजी नहीं

आज आपको जल्दबाजी करने की कोई जरूरत नहीं होगी। आज सूरज उगने के बाद पूरा समय अच्छा है। आपको भाई के पास कहीं दूर जाना है तो भी आप आराम से सफर कर सकती हैं। इस बार आपके पास भरपूर समय है।

 

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भद्रा में नहीं बांधते राखी 

भद्रा का काल अशुभ होता है। अगर इस समय कोई शुभ कार्य करता है तो उसका फल उल्टा भी पड़ सकता है। रक्षा बंधन के मौके पर इस बीच राखी नहीं बांधनी चाहिए। ऐसा नहीं करना चाहिए।

भाभी के लिए भी राखी

आज कल भाई के साथ भाभियों को भी राखी बांधने का प्रचलन बढ़ गया है। इसकी शुरुआत मारवाड़ी परिवारों में हुई थी। इसमें भाभियों को लुंबा बांधा जाता है। कहते हैं कि शादी के बाद पत्नी पति की वामांगी होती है। 

 

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भाई-भाभी एक समान

विवाह के बाद हर धार्मिक काम में यज्ञ, उत्तरदायित्व, वचन आदि को निभाने में पत्नी बराबर की सहभागी होती है। ऐसे में बहनों के लिए भाभी का स्थान भी भाई के समान ही होता है। ऐसे में भाभी के हाथ में भी राखी बांधी जाती है।

राखी बांधने और पूजा की विधि

  • दोनों सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें।
  • बहन पूजा की थाली को अच्छे से सजाए। (इसमें रोली, चावल, दीपक, मिठाई, राखी, फूल रखें)
  • राखी बांधने के लिए बहन पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुंह करके बैठें।
  • भाई पश्चिम या दक्षिण दिशा की तरफ मुंह करके बैठें।
  • दीपक जलाएं और थाली को क्लॉकवाइज घुमाकर भाई की आरती उतारें।
  • फिर भाई के माथे पर रोली से तिलक लगाएं और उसपर चावल लगाएं।
  • अब बहन भाई के दाहिने यानी राइट हैंड पर प्यार से राखी बांधे।
  • राखी बांधते वक्त भाई की दीर्घायु, सुख और सफलता की कामना करें।
  • राखी बांधने के बाद प्यार से भाई को मिठाई खिलाएं।
  • आखिर में भाई बहन को आशीर्वाद दे। भाई बहन की रक्षा करने का वचन ले, हर स्थिति में उसके साथ खड़ा रहने का प्रण करे।
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