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August 7, 2025

हिमाचल का अनोखा रक्षाबंधन- यहां राखी पहनाने नहीं तोड़ने का है रिवाज, हार-जीत का होता है फैसला

तोड़नी है कलाई पर बंधी राखी

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Raksha Bandhan

कुल्लू हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के मनाली में रक्षा बंधन का त्योहार अनोखे तरीके से मनाया जाता है। कुछ गांवों में रक्षाबंधन से लेकर दशहरा तक जीजा-साली और भाभी-देवर में प्रतियोगिता शुरू हो जाती है। आइए जानते हैं इस खास रक्षाबंधन प्रतियोगिता के बारे में।

साली को तोड़नी है राखी

सालियां और भाभियां रक्षाबंधन का इंतजार करती हैं। वो इसलिए क्योंकि भाभी अपने देवर और साली अपने जीजा की कलाई पर बंधी राखी को तोड़ सकें। अगर दशहरे से पहले साली जीजा की राखी को तोड़ दे तो साली जीत जाती है। अगर साली द्वारा राखी नहीं तोड़ी गई तो जीजा विजयी होता है। फिर इस जीत को लेकर घर में जश्न मनाया जाता है।

 

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दशहरे तक संभालनी है राखी

बहन भाई की कलाई पर जो राखी बांधती है, उस डोर को दशहरे तक संभाल कर रखना होता हैउनकी भाभी या साली ने राखी तोड़ दी तो पुरूष की हार मानी जाती है। इस परंपरा के पीछे एक तर्क भी दिया जाता है। इसके तहत पुरूष को रक्षा का सारे सूत्र आने चाहिए। पुरुष अगर राखी बचाने में सफल होते हैं तो वो अपनी बहन और समाज की रक्षा करने में सक्षम हैं।

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परंपरा निभा रही युवा पीढ़ी

दशकों से चली आ रही जीजा-साली और भाभी देवर की राखी तोड़ने की परंपरा निरंतर जारी है। स्थानीयों के मुताबिक करीब दो दशक पहले मनाली में सिर्फ पुरोहित ही लोगों को राखी बांधते थे लेकिन अब बहनें अपने भाई को राखी बांधने के लिए घर आती है और पूरे साल इस त्योहार का इंतजार करती हैं। युवा पीढ़ी आज भी इस परंपरा को निभा रही है।

 

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ना जाने कब शुरु हुआ रिवाज

मनाली में राखी सिर्फ बहन भाई के प्रेम का प्रतीक नहीं है, ये जीजा-साली के बीच एक अनूठी परंपरा निभाने का त्योहार भी है। हालांकि इस परंपरा को कब शुरू किया गया, इसकी कोई जानकारी नहीं है।

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