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February 2, 2026
हिमाचल में बारिश-बर्फबारी से अभी नहीं मिलेगी राहत, जाने अगले छह दिन कैसा रहेगा मौसम
बारिश बर्फबारी से ठंड के आगोश में समाया हिमाचल
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश बर्फबारी होने से प्रदेश ठंड के आगोश में समा गया है। प्रदेश में चल रही शीतलहर ने लोगों को परेशानी में डाल दिया है। मौसम विभाग की मानें तो बारिश बर्फबारी से अभी राहत नहीं मिलेगी। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जबकि निचले इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। सुबह से आसमान में बादल छाए रहने से ठंड में भी इजाफा हुआ है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है। कोठी में 15 सेंटीमीटर, कल्पा में 13.6 सेंटीमीटर, गोंदला में 12 सेंटीमीटर, सांगला में 10.5 सेंटीमीटर, खदराला में 7.5 सेंटीमीटर और जोत में 6.5 सेंटीमीटर बर्फबारी रिकॉर्ड की गई। केलांग में 3 सेंटीमीटर और मनाली में 2.5 सेंटीमीटर बर्फ गिरी, जबकि कुफरी में हल्की बर्फबारी हुई।
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बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान में 2 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है, जबकि कई स्टेशनों पर यह सामान्य से 3 से 7 डिग्री कम रहा। कुछ क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान भी 2 से 5 डिग्री तक गिर गया है। मनाली और मंडी में ठंडा दिन दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार 2 और 3 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। 6 फरवरी को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में एक-दो स्थानों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। वहीं 4, 5, 7 और 8 फरवरी को प्रदेश में मौसम अधिकतर साफ रहने का अनुमान है।
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23 जनवरी को हुई बर्फबारी से प्रदेश में करीब तीन महीने से चला आ रहा ड्राई स्पेल टूट गया है। जनवरी महीने में सामान्य के करीब बारिश और बर्फबारी दर्ज की गई है। बीते वर्षों की तरह इस बार भी जनवरी में मौसम ने राहत दी है।
अच्छी बारिश और बर्फबारी से ग्राउंड वाटर स्तर में सुधार हुआ है और ग्लेशियरों पर पर्याप्त बर्फ जमा हुई है। इससे प्राकृतिक संसाधन रिचार्ज हुए हैं और गर्मियों में पानी की कमी की आशंका कम हुई है। किसानों और बागवानों के लिए यह बर्फबारी बेहद फायदेमंद साबित हो रही है।
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ताजा बर्फबारी के बाद प्रदेश के पहाड़ चांदी की तरह चमक उठे हैं। किन्नौर के पर्यटन स्थल कल्पा में सेब के बगीचे बर्फ से ढक गए हैं। धूप निकलने के बाद किन्नौर कैलाश की चोटियां बेहद मनमोहक नजर आ रही हैं।
नारकंडा में बर्फबारी के कारण बंद किया गया शिमला-रामपुर नेशनल हाईवे-5 सोमवार सुबह यातायात के लिए खोल दिया गया है। इसके बाद एचआरटीसी बसों को शिमला के लिए वाया नारकंडा रवाना किया गया।
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पर्यटन नगरी मनाली में रविवार रात फिर बर्फबारी हुई। शहर में करीब चार इंच, नेहरूकुंड में छह इंच, सोलंगनाला में एक फीट और अटल टनल में करीब डेढ़ फीट बर्फबारी दर्ज की गई। भारी बर्फ के चलते अटल टनल को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है और पर्यटकों को फिलहाल नेहरूकुंड तक ही जाने की अनुमति दी जा रही है।