#धर्म
September 4, 2026
मणिमहेश में जन्माष्टमी पर उमड़ा सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र डल झील में लगाई आस्था की डुबकी
मणिमहेश यात्रा में 4 श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ी] हेली टैक्सी से पहुंचाया अस्पताल
शेयर करें:

भरमौर (चंबा)। हिमाचल प्रदेश की पवित्र मणिमहेश यात्रा-2026 में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान शिव के धाम मणिमहेश पहुंच रहे श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाई और कैलाश पर्वत के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही डल झील के आसपास भक्तिमय माहौल बना रहा और पूरा क्षेत्र भोले के जयकारों से गूंजता रहा।
जन्माष्टमी के मौके पर हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मणिमहेश पहुंचे हैं। छोटे शाही स्नान का शुभ मुहूर्त गुरुवार रात 2:26 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 12:14 बजे तक रहा।
मणिमहेश डल झील समुद्र तल से करीब 13 हजार फीट की ऊंचाई पर कैलाश पर्वत की तलहटी में स्थित है। धार्मिक मान्यता के कारण हर साल हजारों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्ता पार कर यहां पहुंचते हैं और पवित्र झील में स्नान करते हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल के खजाने की बिगड़ी सेहत, वेतन-पेंशन, ब्याज पर 33266 करोड़ का खर्चा; सब्सिडी का लॉलीपोप....
श्रद्धालुओं को हड़सर से करीब 13 किलोमीटर का पैदल ट्रैक पूरा करना पड़ता है। रास्ते में धनछो प्रमुख पड़ाव है। इसके अलावा गौरी कुंड और शिव क्रोत्री भी धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण स्थल हैं। कई श्रद्धालु हेली टैक्सी की सुविधा का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
जन्माष्टमी के छोटे शाही स्नान के बाद अब श्रद्धालुओं की नजर राधाष्टमी पर होने वाले बड़े शाही स्नान पर है। यह 18 और 19 सितंबर को प्रस्तावित है। यात्रा का यह सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक पड़ाव माना जाता है और इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मणिमहेश पहुंचने की संभावना है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू! दिल्ली रवाना हुए CM सुक्खू, सुंदर ठाकुर भी पहुंचे
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच शुक्रवार को यात्रा के दौरान चार यात्रियों की तबीयत बिगड़ गई। सभी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल भरमौर पहुंचाया गया। इनमें दो यात्रियों को एम्बुलेंस और दो को हेली टैक्सी के माध्यम से अस्पताल लाया गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: सोशल मीडिया पर दोस्ती.. प्यार में बदली, शादी करूंगा कह होटल में की युवती से नीचता
डोडा, जम्मू-कश्मीर निवासी शिल्पा को सांस लेने में परेशानी के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं जम्मू-कश्मीर की डिंपल को घबराहट की शिकायत हुई। चेन्नई निवासी गौरी को सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द और नींद न आने की समस्या के बाद हेली टैक्सी से अस्पताल लाया गया। एक अन्य यात्री मोहना को सिरदर्द और खांसी की शिकायत थी।
भरमौर के बीएमओ डॉ. दीपेश बराल ने बताया कि चारों श्रद्धालुओं को आवश्यक उपचार दिया जा रहा है और फिलहाल सभी की हालत स्थिर है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें यात्रा मार्ग और अस्पताल में श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य जरूरतों पर लगातार नजर रख रही हैं।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: बुजुर्ग मां-बाप ने जिस बेटे को समझा बुढ़ापे का सहारा.. उसी ने पत्नी संग मिल लांघ दी सारी सीमाएं
इस बार यात्रा के दौरान मौसम फिलहाल अनुकूल बना हुआ है, जिससे पैदल ट्रैक पर श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम रही। हालांकि पिछले वर्ष भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था।
यह भी पढ़ें : 12 साल की लड़की और एक महिला लापता, पिता बोले- बहला; फुसलाकर ले गया व्यक्ति
प्रशासन ने इस बार यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया है। श्रद्धालुओं को गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता, टॉर्च और मजबूत जूते साथ रखने की सलाह दी गई है। हड़सर बेस कैंप पर स्वास्थ्य जांच के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी जा रही है। मणिमहेश यात्रा आधिकारिक तौर पर 19 सितंबर तक चलेगी। जन्माष्टमी के छोटे शाही स्नान के बाद अब राधाष्टमी के बड़े शाही स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ गया है।