#राजनीति
January 15, 2026
हिमाचल के पूर्व मंत्री-सांसद का ऐलान: मेरा बेटा भाजपा से लड़ेगा चुनाव- सियासत गरमाई
दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अभी से टिकट की दावेदारी
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कांगड़ा। बड़ी पुरानी कहावत है कि दुकान खुली नहीं और मांगने वाले पहले आ गए। ऐसा ही कुछ इन दिनों हिमाचल प्रदेश की सियासत में भी देखने को मिल रहा है। साल 2027 का चुनाव होने में अब करीब 20-22 महीने का ही वक्त बचा है, मगर टिकटार्थी नेताओं के दावे अभी से शुरू हो गए हैं।
मगर इस बार टिकट मांगने के चलन में एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है और प्रदेश के पुराने एवं दिग्गज नेता अपने बेटों को टिकट देनी की पैरवी करने में जुटे हुए हैं। सबसे पहले कांग्रेसी दिग्गज ठाकुर सिंह भरमौरी ने इस बात का ऐलान किया कि अपने बेटे अमित भरमौरी को उन्होंने जनता को सौंप दिया है और अब वह आगामी चुनाव लड़ेगा।
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इसके बाद मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिन ने राजनीति से सन्यांस लेने का ऐलान करते हुए कहा कि वे 2027 का चुनाव नहीं लड़ेंगे और अब उनका बेटा उनकी राजनितिक विरासत को संभालेगा। इस सब के बाद अब 'पुत्रमोह पॉलिटिक्स' की इस लाइन में हिमाचल के और दिग्गज नेता खड़े हो गए हैं, जिनका नाम है डॉ राजन सुशांत।
पूर्व में भाजपा के कद्दावर नेता रहे, राजस्व मंत्री और सांसद रहे, फतेहपुर सीट से विधायक रह चुके डॉ राजन सुशांत ने आज अपने घर पर ही कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस बात का ऐलान कर डाल कि उनके बेटे धैर्य सुशांत 2027 के चुनावों में भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ेंगे।
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काफी लंबे वक्त से राजनीति से दूरी बनाकर चल रहे राजन सुशांत ने बताया की कि तबियत खराब होने के कारण वो कुछ समय से अपने विधानसभा क्षेत्र से दूर रह रहे थे। मगर अब उनकी तबियात पूरी तरह से ठीक हो गई है और अब वो जनता के सुख दुःख में भागीदार बनेंगे। लोगों के हितों की लड़ाई लड़ने से पीछे नहीं हटेंगे।
फिलहाल इस सीट से कांग्रेस नेता भवानी सिंह पठानिया विधायक की कुर्सी पर बैठे हुए हैं और 2009 से इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्ज़ा है। मगर भाजपा की बात की जाए तो उस तरफ से एक नहीं बल्कि कई सारे दावेदार हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में राकेश पठानिया को इस सीट से हार मिली थी। इसके बाद बलदेव ठाकुर भी हैं वो भी इस सीट से चुनाव हार चुके हैं।
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इसके अलावा भाजपा के पास एक बड़ा नाम जगदेव सिंह ठाकुर है, जो कि बार-बार टिकट कटने का दंश झेल रहे हैं। पंकज हैप्पी भाजपा से युवा चेहरा हैं। इसी तरह कृपाल परमार, पुनीत महाजन, सुमन बाला भी हर बार की तरह लाइन में हैं। लेकिन अब सुशांत राजन ने भी अपने बेटे को टिकट देने के लिए दावा ठोंक दिया है। तो कुल मिलकर कहें तो सारा कंपटीशन भाजपा में ही है और कांग्रेस का ये किला ढहाने के लिए भाजपा को अपने ही घर की आग को बुझाना पड़ेगा।