#हादसा
January 15, 2026
हिमाचल ब्रेकिंग : आधी रात को घर में फटा सिलेंडर, 6 लोग नींद में जिंदा ज.ले- धमाके से दहला इलाका
कई पालतू मवेशी भी चढ़े आ.ग की भेंट- पूरे इलाके में मचा हड़कंप
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश में अग्निकांड की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सोलन जिले के अर्की में हुए दर्दनाक अग्निकांड की आग अभी पूरी तरह ठंडी भी नहीं पड़ी है कि अब सिरमौर जिले से एक और भयावह हादसे की खबर सामने आई है।
सिरमौर के नौहराधार क्षेत्र में बीती रात एक बड़े अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हादसे में घर के अंदर सो रहे 6 लोगों की जिंदा जलने के कारण मौत हो गई है। जबकि, एक व्यक्ति को गंभीर हालत में मलबे से बाहर निकालकर राजगढ़ अस्पताल भेजा गया है। इस बात की पुष्टि SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने की है।
यह दर्दनाक हादसा नौहराधार के तलांगना गांव में रात करीब दो से तीन बजे के बीच हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़क उठी। आग की चपेट में आते ही घर के भीतर रखा LPG सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया।
सिलेंडर फटने के बाद आग ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते पूरा मकान लपटों में घिर गया। रात का समय होने के कारण घर में मौजूद लोगों को संभलने और बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिल पाया। हादसे के वक्त घर में बच्चों समेत 7 लोग मौजूद थे।
आग इतनी भीषण थी कि पूरा मकान कुछ ही देर में जलकर राख हो गया। ग्रामीणों के अनुसार, आग की लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं और तेज धमाकों की आवाज से पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। इस अग्निकांड में 6 लोगों की जिंदा जलने के कारण मौत हो गई है और कुछ पालतू मवेशियों के भी जिंदा जलने की सूचना है।
हादसे के दौरान एक व्यक्ति को गंभीर हालत में जिंदा बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उसे तुरंत रेस्क्यू कर राजगढ़ अस्पताल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि व्यक्ति झुलसा हुआ है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। गांव के लोगों ने ही सबसे पहले आग बुझाने और राहत कार्य शुरू किए, क्योंकि दूरदराज क्षेत्र होने के कारण दमकल वाहन समय पर नहीं पहुंच पाए।
SDM संगड़ाह सुनील कायथ ने बताया कि अग्निकांड की सूचना मिलते ही वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मिलकर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।
इस हादसे ने पूरा परिवार उजाड़ दिया है। बताया जा रहा है कि आगजनी का शिकार हुए लोग सिरमौर के राजगढ़ और शिमला के चौपाल से संबंध रखते हैं। आगजनी की इस घटना में पति-पत्नी, मां और उसके तीन बच्चों की मौत हो गई है। बच्चों में दो लड़कियां और एक लड़का शामिल है। मृतकों की पहचान-तृप्ता और उसके पति नरेश, राजगढ़ के रूप में हुई है। चौपाल के लोकिंद्र ठाकुर उर्फ छोटू झुलसने से गंभीर रूप से घायल हुआ है। जबकि, उसकी पत्नी, बेटे और दो बेटियों की जिंदा जलने के कारण मौत हो गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले सोलन जिले के अर्की में भी एक भीषण अग्निकांड हुआ था, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। उस हादसे में कई परिवार बेघर हो गए थे और भारी नुकसान हुआ था। आग लगने के बाद लंबे समय तक राहत एवं बचाव कार्य चला, लेकिन अब भी मलबे में सच्चाई तलाशने का काम जारी है। अर्की की घटना के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि नौहराधार की यह त्रासदी सामने आ गई है, जिसने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार हो रही इन घटनाओं ने प्रशासन और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर बिजली लाइनों, पुराने मकानों और सुरक्षा उपायों की कमी ऐसे हादसों को न्योता दे रही है। अब देखना यह होगा कि नौहराधार और अर्की जैसे मामलों से सबक लेकर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।