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November 13, 2025

हिमाचल: संजौली मस्जिद मामला, लोगों ने जुमे की नमाज पर रोक की उठाई मांग; दी ये चेतावनी

 स्थानीय लोग बोले-कल नहीं होने देंगे जुमे की नमाज, अलर्ट मोड पर प्रशासन

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Sanjauli Mosque dispute

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला का बहुचर्चित संजौली मस्जिद विवाद एक बार फिर तूल पकड़ता नज़र आ रहा है। शुक्रवार को स्थानीय महिलाओं और निवासियों ने मस्जिद परिसर में एकत्र होकर प्रशासन से जुमे की नमाज़ पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने डीसी शिमला को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि मस्जिद में बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे इलाके में तनाव और असुरक्षा की भावना फैल रही है।

स्थानीय महिलाओं की चेतावनी

स्थानीय महिलाओं ने संजौली मस्जिद में कल यानी शुक्रवार को जुमे की नमाज़ पढ़ने से रोक लगाने की मांग की है। इतना ही नहीं उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जुमे की नमाज पढ़ने पर रोक नहीं लगाई तो स्थानीय लोग सड़कों पर उतरेंगे और मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकेंगे।

 

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शुक्रवार को जुटते बाहरी लोग

स्थानीय लोगों का कहना है कि संजौली स्थित इस मस्जिद में सप्ताह के बाकी दिनों में कोई धार्मिक गतिविधि नहीं होती, लेकिन शुक्रवार को अचानक बड़ी संख्या में बाहरी लोग नमाज़ पढ़ने पहुंचते हैं। एक स्थानीय महिला ने कहा कि हमने कभी किसी की आस्था पर सवाल नहीं उठाया, लेकिन जब अदालत मस्जिद को अवैध घोषित कर चुकी है तो वहां गतिविधियां कैसे जारी हैं। प्रशासन को तत्काल इसे रोकना चाहिए।

 

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अदालत के आदेशों का दिया हवाला 

निवासियों ने बताया कि नगर निगम आयुक्त की अदालत पहले ही इस मस्जिद को अवैध निर्माण घोषित कर चुकी है और जिला अदालत ने भी वक्फ बोर्ड व मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज कर दी है। बावजूद इसके मस्जिद में हर शुक्रवार धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि जब कानूनी रूप से मस्जिद का अस्तित्व विवादित है, तो फिर वहां नमाज़ की अनुमति क्यों दी जा रही है।

 

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सुरक्षा को लेकर स्थानीयों की चिंता

प्रदर्शन के दौरान कई महिलाओं ने कहा कि शुक्रवार को इलाके में अनजान चेहरों की भीड़ जमा होती है, जिससे स्थानीय परिवार असहज महसूस करते हैं। उनका कहना है कि भीड़ के चलते यातायात बाधित होता है और सुरक्षा व्यवस्था पर असर पड़ता है। महिलाओं ने प्रशासन से बाहरी लोगों की आवाजाही पर नियंत्रण और इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ाने की मांग की है।

बिजली-पानी कनेक्शन काटने की भी मांग

स्थानीय निवासियों ने ज्ञापन में यह भी मांग रखी कि जिस मस्जिद को अदालत ने अवैध करार दिया है, उसके बिजली और पानी के कनेक्शन तुरंत काटे जाएं। उन्होंने कहा कि जब तक कानूनी स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक किसी भी धार्मिक गतिविधि को अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

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शुक्रवार को नमाज़ नहीं होने देंगे

स्थानीय नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कदम नहीं उठाए तो वे शुक्रवार को मस्जिद में नमाज़ नहीं होने देंगे। उनका कहना है कि यह विरोध किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध निर्माण और सुरक्षा की चिंता को लेकर है।

 

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प्रशासन अलर्ट मोड पर

विवाद बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर नज़र बनाए रखी है। सूत्रों के अनुसार शिमला पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इलाके में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके।

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