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August 18, 2025
शिमला के राह चलते आवारा कुत्तों से नहीं डरते आप, जानें कैसे ये लापरवाही पड़ सकती है भारी
समय रहते करवाएं टीकाकरण
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हाल ही में मेगा डॉग वैक्सीनेशन ड्राइव की शुरुआत की गई है। ये ड्राइव 15 अगस्त को शुरू हुई थी जो 29 अगस्त तक चलेगी। इस ड्राइव के जरिए 34 वार्डों के 4000 कुत्तों को रेबीज का टीका लगाया जाएगा। आइए जानते हैं रेबीज क्या होती है और इसकी वैक्सीनेशन क्यों जरूरी है।
कुत्ते की लार में एक ऐसा वायरस मौजूद होता है जो रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी का कारण होता है। कुत्ते के काटने या खरोंच के जरिए ये वायरस कुत्ते से इंसान में फैलता है। ये बीमारी इतनी खतरनाक है कि ये लगभग हर बार जानलेवा साबित होती है।
चिंता की बात ये है कि इस बीमारी के लक्षण कई दिन या कई महीनों बाद दिखता है। ये इस बात पर निर्भर होता है कि कुत्ते का काटा हुआ घाव कहां है और कितना गहरा है। सबसे पहले इंसान में शुरुआती लक्षण दिखते हैं, फिर कुछ दिन बाद गंभीर लक्षण दिखते हैं।
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अगर जानवर ने आपको काट लिया है तो सबसे पहले घाव को धोएं। घाव या खरोंच को तुरंत साबुन और पानी से 15 मिनट तक अच्छे से धोएं। ये वायरस को फैलने से रोकने में मदद करेगा।
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इसके बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर घाव की गंभीरता के हिसाब से एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्युनोग्लोबुलिन के इंजेक्शन देंगे। टीकाकरण वायरस के खिलाफ तुरंत सुरक्षा देता है।
अपने पालतू कुत्ते को रेबीज का टीका जरूर लगवाएं। ये इस बीमारी को फैलने से रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। ध्यान देने वाली बात है कि आवारा या अनजान जानवरों के संपर्क में आने से बचें।