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October 3, 2025

हिमाचल: कृषि को आत्मनिर्भर बनाएगी ये योजना, बढ़ाएगी किसानों की आय

किसानों के लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था

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Himachal Him Unnati Yojna

मंडी। हिमाचल प्रदेश के कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने 2023 में हिम उन्नति योजना की घोषणा की थी। अब इस योजना को लागू कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस योजना के चलते कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भर बनेगा और किसान की आय में भी वृद्धि होगी। 

योजना के एक्शन प्लान को मिली मंजूरी

प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने साल 2023 के अप्रैल महीने में हिम उन्नति योजना की घोषणा की थी। जानकारी के मुताबिक योजना को जमीन पर उतारने के लिए एक्शन प्लैन तैयार किया गया था जिसे मंजूरी मिल चुकी है। 

 

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किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना 

प्रदेश सरकार ने कृषि को वैज्ञानिक पद्धति से आगे बढ़ाते हुए किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हिम उन्नति योजना लागू की है। इसका उद्देश्य खेतों तक वैज्ञानिक सोच को धरातल पर उतारना, किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और कृषि को आत्मनिर्भर बनाना है।

सिंचाई समस्या को कम करने का प्रयास

कृषि कार्य में सिंचाई बड़ी चुनौती होती है। हिम उन्नति योजना के तहत इस समस्या के समाधान के लिए बोरवेल, सिंचाई टैंक और उठाऊ सिंचाई योजनाओं लागू की जाएंगी। इसके जरिए खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा किसानों को उत्तम किस्म के बीज फ्री में दिए जाएंगे ताकि पैदावार बेहतर हो सके।

 

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किसानों को दिया जाएगा अहम प्रशिक्षण

योजना के जरिए कृषि को वैज्ञानिक पद्धति से जोड़ने के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए डेमोस्ट्रेशन, एक्सपोजर विजिट व कृषि विश्वविद्यालयों के भ्रमण की व्यवस्था की गई है। इससे किसान नई तकनीकों से परिचित होंगे और खेती के नए तरीकों को व्यवहार में ला सकेंगे।

पशुपालन और बागवानी भी हैं शामिल 

ये योजना केवल कृषि तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें पशुपालन और बागवानी को भी शामिल किया गया है। पशुपालन से जुड़े किसानों को 50% अनुदान पर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके जरिए ग्रामीण इलाकों में आज व रोजगार दोनों के अवसर बढ़ेंगे।

 

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आएगी मजबूती 

हिम उन्नति योजना से ना केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। क्लस्टरों के माध्यम से सामूहिक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा और वैज्ञानिक पद्धतियों से उत्पादन बढ़ेगा। इससे किसानों का रुझान खेती की ओर बढ़ेगा और गांवों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

300 बीघा भूमि योजना में हुई शामिल 

इसी दिशा में करसोग उपमंडल में दो “हिम कृषि क्लस्टर” बनाए गए हैं, जिन्हें राज्य सरकार से मंजूरी भी मिल चुकी है. करीब 300 बीघा भूमि इस योजना में शामिल की गई है जिससे करीब 80 किसानों को फायदा मिलेगा। इस योजना पर प्रथम चरण में 21 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं।

 

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250 बीघा भूमि को किया गया शामिल

करसोग क्षेत्र में हिम उन्नति योजना के तहत दो हिम कृषि क्लस्टर तैयार किए गए हैं। पहला क्लस्टर भनेरा गांव में स्थापित है जहां लगभग 250 बीघा भूमि को शामिल किया गया है। इस क्लस्टर से करीब 50 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

लगभग 66 बीघा भूमि को किया कवर 

वहीं दूसरा क्लस्टर मशोग (पांगणा) में बनाया गया है, जिसमें लगभग 66 बीघा भूमि को कवर किया गया है और करीब 30 किसान इससे जुड़ेंगे। इन क्लस्टरों का उद्देश्य खेती को वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना और किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

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