#विविध
October 3, 2025
हिमाचल : शहीद की बहन के ब्याह में 'भाई' बनकर पहुंचे फौजी, निभाए सभी फर्ज- परिजनों के छलके आंसू
शहीद के साथियों ने बहन को दिया अनोखा तोहफा
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में गुरुवार को एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यह मौका था आंजभोज क्षेत्र के भरली गांव में शहीद आशीष कुमार की बहन आराधना (पूजा) की शादी का।
घर में शादी की खुशियां थीं, ढोल-नगाड़ों की गूंज थी। पूरा घर-आंगन दुल्हन की विदाई की तैयारी में सजा था, लेकिन इस बीच परिवार के हर सदस्य को शहीद भाई आशीष कुमार की कमी खल रही थी।
शहीद आशीष कुमार, 19 ग्रेनेडियर्स यूनिट के वीर जवान थे, जिन्होंने 27 अगस्त 2024 को अरुणाचल प्रदेश में “ऑपरेशन अलर्ट” के दौरान मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनकी शहादत के बाद परिवार और गांव अब तक गहरे शोक में डूबा है।
ऐसे में बहन आराधना की शादी का यह अवसर न केवल भावुक कर देने वाला था, बल्कि इसमें सैनिकों ने भाई का फर्ज निभाकर एक मिसाल कायम कर दी। शादी के इस भावुक मौके पर आशीष कुमार की रेजिमेंट के साथी जवान और पांवटा-शिलाई के भूतपूर्व सैनिक संगठन के सदस्य विशेष रूप से पहुंचे।
जब दुल्हन मंडप की ओर बढ़ी, तो भाई के स्थान पर ये फौजी साथी उसके साथ खड़े थे। सैनिकों ने न केवल दुल्हन का हाथ थामा, बल्कि उसे मंडप तक ले जाकर भाई का कर्तव्य निभाया।

सिर्फ मंडप तक पहुंचाने तक ही नहीं, बल्कि सैनिकों ने बहन को एक विशेष शगुन भी दिया। उन्होंने सामूहिक रूप से राशि एकत्रित कर उसे बैंक में फिक्स डिपॉजिट, FD के रूप में दुल्हन के हाथों सौंपा। यह सिर्फ आर्थिक सहयोग नहीं था, बल्कि उसमें उस भाई का स्नेह और सुरक्षा का भाव छिपा था, जो अब उनके बीच मौजूद नहीं है।
जब सैनिकों ने उसे आशीर्वाद दिया और भाई का फर्ज निभाते हुए विदाई तक साथ दिया, तो दुल्हन आराधना व परिजनोंं की आंखों से आंसू रुक न सके। इस दृश्य ने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल छू लिया। सभी ने माना कि जिस बहन ने अपना भाई देश की रक्षा में खोया, उसकी कमी को साथियों ने इस तरह से पूरा किया कि यह क्षण जीवनभर यादगार बन गया।
इस अवसर पर शहीद आशीष की रेजिमेंट से हवलदार राकेश कुमार, नायक रामपाल सिंह, नायक मनीष कुमार, ग्रेनेडियर अभिषेक और ग्रेनेडियर आयुष कुमार पहुंचे। इसके अलावा क्षेत्र से सेना में कार्यरत मेजर अनूप तोमर और पैराट्रूपर नदिश कुमार भी उपस्थित रहे।
भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से अध्यक्ष सूबेदार मेजर करनैल सिंह, उपाध्यक्ष हरिंदर सिंह, सचिव ओमप्रकाश चौहान, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, सलाहकार हाकम सिंह, सुरेश कुमार देवा, नेत्र सिंह, मामराज सिंह, पृथ्वी सिंह, दिनेश कुमार, नरेंद्र ठुंडू, देवेंद्र नेगी और सोहन सिंह मौजूद रहे।
इस अनोखी शादी और भावनात्मक विदाई ने साबित किया कि सैनिक केवल मोर्चे पर ही नहीं, बल्कि समाज के हर उस अवसर पर भी भाई, बेटे और साथी बनकर खड़े होते हैं, जहां उनकी जरूरत होती है। यह नजारा न केवल आराधना और उसके परिवार के लिए जीवनभर की स्मृति बन गया, बल्कि पूरे गांव और प्रदेश के लिए प्रेरणा भी।