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September 13, 2025
हिमाचल के टैक्सपेयर्स दें ध्यान: आ गई ITR भरने की आखिरी तारीख, जानें देरी पर क्या होंगे नुकसान
अपनी आय पर सरकार को देना होता है टैक्स
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शिमला। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए काफी कम समय बचा है। 15 सितंबर को आखिरी तारीख रखी गई है। ऐसे में अपना ITR समय से भर लीजिए। अगर आप इसे हल्के में ले रहे हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि ITR भरने के क्या फायदे होते हैं और ITR ना भरने के क्या नुकसान होते हैं।
सबसे पहले जान लेते हैं इनकम टैक्स रिटर्न होता क्या है। ITR एक तरह का हिसाब है जो हम सब सरकार को देते हैं। इसमें हम बताते हैं कि पिछले साल हमारी कितनी कमाई हुई, किस कमाई पर टैक्स चुकाना है और कितना टैक्स आपने पहले से भर रखा है।
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अगर आप समय पर ITR नहीं भरते हैं तो आपको पेनल्टी लग सकती है। मान लीजिए किसी टैक्सपेयर की वार्षिक आय 5 लाख से ज्यादा है तो उन्हें 5 हजार लेट फीस चुकानी पड़ेगी। ऐसे में इस जुर्माने से बचने का सबसे सरल तरीका है ITR समय पर भरना।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास ऐसे कई सोर्स होते हैं जो आपकी आय की जानकारी डिपार्टमेंट तक पहुंचा देते हैं। ऐसे में अगर आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं तो आयकर विभाग उसके पास मौजूद जानकारियों के तहत आपको नोटिस भेज सकता है। इस नोटिस से बचने का एक ही तरीका है कि आप समय पर ITR भरें।
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इनकम टैक्स के नियम कहते हैं कि अगर किसी ने टैक्स नहीं भरा या उस पर बनने वाले कुल टैक्स का 90 प्रतिशत कम चुकाया है तो उसे सेक्शन 234बी के तहत हर माह 1 प्रतिशत ब्याज पेनल्टी के रूप में भरना होगा। इससे बचने का भी यही तरीका है कि आप समय से ITR भरें।
आयकर विभाग का नियम कहता है कि अगर आप निर्धारित समय पर ITR फाइल करते हैं तो आप अपने नुकसान को आगे के वित्त वर्षों के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। इसका मतलब है कि आप अगले वित्त वर्षों में अपनी कमाई पर टैक्स देवदारी कम कर सकते हैं।
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मान लीजिए कि आपको शेयर बिक्री पर लॉस हुआ तो फिर आप उसे 8 सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड कर सकते हैं। वहीं अगर आपने सही समय पर ITR नहीं भरा तो आप अपने लॉस को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकते और आपको इसका फायदा नहीं मिलेगा।
मान लीजिए आपकी सैलरी से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा कर दिया गया हो तो आप उस ITR फाइल किए बिना वापस नहीं पा सकते। फिर भले ही आपकी सैलरी इनकम टैक्स में बेसिक एग्जंप्शन लिमिट के अंदर ही क्यों ना हो।
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अगर आपको टैक्स रिफंड क्लेम करना है तो इसके लिए ITR भरना जरूरी है। जब आप ITR दाखिल करते हैं तो IT डिपार्टमेंट उसका असेस्मेंट करता है। अगर आपका रिफंड बनता है तो वो सीधे आपके अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगा।