#यूटिलिटी
January 21, 2026
आम जनता के लिए खुले हिमाचल के सरकारी रेस्ट हाउस- 500 में मिलेगा कमरा, ऑनलाइन होगी बुकिंग
जल शक्ति विभाग के 87 विश्राम गृह जनता के लिए उपलब्ध
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में सफर हमेशा खूबसूरत रहता है, लेकिन ठहरने की व्यवस्था को लेकर लोगों में अक्सर बजट और भरोसे की चिंता रहती है। मगर अब सरकार ने आम जनता की ये चिंता भी दूर कर दी है। सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो ना सिर्फ यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल का तरीका भी बदलने जा रहा है। पहाड़ों पर बने जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह अब सिर्फ अफसरों या राजनेताओं तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अब आम लोगों के लिए भी इसके द्वार खुलने जा रहे हैं।
प्रदेश में यात्रा और ठहराव को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। जल शक्ति विभाग के विश्राम गृह अब आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही उनकी ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था शुरू कर दी गई है। शिमला में मंगलवार को डिप्टी CM मुकेश अग्निहोत्री ने इस ऑनलाइन आरक्षण प्रणाली का औपचारिक शुभारंभ किया।
डिप्टी CM ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बुकिंग प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है, ताकि विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ आम जनता भी आसानी से जल शक्ति विभाग के विश्राम गृहों में कमरे बुक कर सके।
मुकेश अग्निहोत्री ने बताया कि नई ऑनलाइन प्रणाली के तहत अब एक क्लिक पर कमरे की बुकिंग सुनिश्चित होगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि बुकिंग कन्फर्मेशन तुरंत मिलेगा। पहले जहां लोगों को आवेदन के बाद लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, वहीं अब कुछ ही मिनटों में बुकिंग की स्थिति सामने आ जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे न केवल लोगों की असुविधा कम होगी, बल्कि विश्राम गृहों के इस्तेमाल में पारदर्शिता भी आएगी।
जल शक्ति विभाग के सचिव अभिषेक ने जानकारी दी कि विभाग के पास प्रदेशभर में कुल 87 विश्राम गृह हैं, जिनमें 324 कमरे उपलब्ध हैं। इन कमरों की बुकिंग के लिए jsv.hp.nic.in और jsvresthouse.hp.gov.in वेबसाइट पर सीधे लॉग इन कर आवेदन किया जा सकता है।
यह व्यवस्था खास तौर पर उन यात्रियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, जो हिमाचल के दूर-दराज इलाकों में किफायती और सुरक्षित ठहराव की तलाश में रहते हैं।
विभाग ने कमरों का किराया भी तय कर दिया है। हिमाचली अतिथियों के लिए प्रति कमरा 500 रुपये, जबकि गैर-हिमाचली अतिथियों के लिए 1000 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। बुकिंग के समय कुल राशि का 50 फीसदी अग्रिम भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि चेक-आउट के समय जमा करवाई जा सकेगी। सरकार का मानना है कि इस सुव्यवस्थित प्रणाली से विश्राम गृहों की ऑक्यूपेंसी बढ़ेगी और विभाग की आय में भी इजाफा होगा।
डिजिटल सुविधा के साथ-साथ विभाग ने विश्राम गृहों के लिए 50 बिंदुओं की मानक संचालन प्रक्रिया भी लागू की है। इसमें कमरों की साफ-सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, बिजली उपकरणों और फिटिंग्स का नियमित रखरखाव और परिसरों की समग्र देखरेख को अनिवार्य किया गया है।
सरकार का कहना है कि बेहतर रख-रखाव और डिजिटल प्रणाली के जरिए हिमाचल आने वाले आगंतुकों को पारदर्शी सेवाएं, बेहतर बुनियादी ढांचा और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।