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May 4, 2025
हिमाचल: संजौली के बाद अब जेल रोड मस्जिद की बारी, देवभूमि संघर्ष समिति ने कर ली तैयारी
प्रधान सचिव के पास लंबित है मामला, मांगेंगे जवाब
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मंडी। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला में संजौली मस्जिद मामले में नगर निगम शिमला आयुक्त कोर्ट से बीते रोज बड़ा फैसला आने के बाद अब देवभूमि संघर्ष समिति एक बार फिर सक्रिय हो गई है। देवभूमि संघर्ष समिति ने संजौली मस्जिद के बाद अब मंडी जिला में मंडी शहर के जेल रोड पर बनी विवादित मस्जिद को लेकर रणनीति बनानी शुरू कर दी है।
देवभूमि संघर्ष समिति का कहना है कि नगर निगम क्षेत्र के बीचों बीच बनी इस मस्जिद का मामला पिछले सात माह से शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव के पास लंबित है। जिस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। समिति के पदाधिकारी अब इस मामले को लेकर आगामी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। समिति सदस्यों का कहना है कि यह मामला काफी समय से लटका हुआ है।
मंडी जिला की देवभूमि संघर्ष समिति अब इस मामले में शहरी विकास विभाग को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि इतने महीनों से इस मामले पर कोई भी फैसला क्यों नहीं लिया गया है। देवभूमि संघर्ष समिति ने मंडी के जेल रोड पर स्थित मस्जिद मामले में तेजी से कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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बड़ी बात यह है कि जेल रोड की मस्जिद केस में देवभूमि संघर्ष समिति के किसी भी सदस्य को औपचारिक रूप से पक्षकार नहीं बनाया गया है। ऐसे में समिति जल्द ही एक याचिका या निवेदन के माध्यम से आग्रह करेगी, कि उन्हें भी इस केस में पार्टी बनाया जाए, ताकि वह भी साक्ष्यों के साथ न्यायालय या अन्य कहीं पर भी अपनी बात को रख सकें।
बता दंे कि शिमला के संजौली मस्जिद मामले की सुनवाई करते हुए बीते रोज शनिवार को नगर निगम आयुक्त कोर्ट ने संजौली मस्जिद की नीचे की दो मंजिलों केा भी अवैध घोषित कर उन्हें भी तोड़ने के आदेश जारी कर दिए हैं। आयुक्त कोर्ट ने वक्फ बोर्ड से संजौली मस्जिद के मालिकाना हक के दस्तावेज मांगे थे। जिन्हें वक्फ बोर्ड पेश नहीं कर पाया। ऐसे में बिना नक्शा पास करवाए बनाई पूरी की पूरी संजौली मस्जिद को गिराने के आदेश जारी किए गए।
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अब ऐसा ही मामला मंडी शहर के जेल रोड पर बनी मस्जिद का भी है। इस मस्जिद को भी मुस्लिम पक्ष ने बिना नक्शा पास करवाए अवैध तरीके से बनाया है। नगर निगम मंडी में यह मामला लगा है। एमसी मंडी आयुक्त ने 13 सितंबर को मुस्लिम पक्ष को पुरानी स्थिति बहाल करने के आदेश दिए थे।
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मुस्लिम पक्ष ने आयुक्त न्यायालय के आदेश को प्रधान सचिव शहरी विकास के पास चुनौती दी थी। वहां से अगले आदेश तक निगम को किसी प्रकार की कार्रवाई करने पर रोक लगा दी गई थी। वहीं, अब देवभूमि संघर्ष समिति के पदाधिकारी घनश्याम ने कहा कि जल्द ही वह प्रधान सचिव शहरी विकास विभाग को नोटिस देंगे। एक.दो दिन में बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी।