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February 1, 2025
केंद्रीय बजट ने बिगाड़ दी सुक्खू सरकार की योजनाएं, होगा आर्थिक नुकसान; जानें कैसे
12.75 लाख इनकम टैक्स फ्री ने बिगाड़ा सुक्खू सरकार का खेल
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शिमला। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया। यह टोटल बजट ₹50ण्65 लाख करोड़ का है। बजट में नौकरीपेशा के लिए 12.75 लाख तक की आय टैक्स फ्री कर सरकार ने मध्यम वर्ग को राहत प्रदान की है। लेकिन इससे हिमाचल की सुक्खू सरकार को बड़ा नुकसान होने वाला है।
दरअसल अब तक पांच लाख रुपए से अधिक आय वालों को टैक्स देना पड़ रहा था। जिससे हिमाचल में भी आयकरदाताओं की संख्या काफी अधिक थी। लेकिन अब 12.75 लाख तक की आय वालों को टैक्स फ्री करने से हिमाचल में आयकरदाताओं की संख्या कम हो जाएगी। ऐसे में हिमाचल सरकार की निशुल्क योजनाओं के प्रबंधन पर भारी पड़ेगा।
बता दें कि प्रदेश में 125 यूनिट फ्री बिजली पर प्रति माह 40 करोड़ रुपए का खर्चा आ रहा है। मुख्यमंत्री प्रदेश के आयकर दाताओं से लगातार 125 यूनिट फ्री बिजली सब्सिडी छोड़ने की अपील कर रहे हैं। लेकिन अब आयकरदाताओं की संख्या कम हो जाएगी। जिसके चलते सरकार की यह योजना भी सिरे चढ़ती नजर नहीं आ रही है।
इसी तरह से हिमाचल के सस्ते राशन डिपो में भी अलग अलग कैटेगिरी बनाई गई हैं। जिसमें बीपीएल के अलावा एपीएल और आयकरदाता शामिल हैं। प्रदेश में इस समय करीब 80 हजार आयकरदाता हैं जिन्हंे एपीएल की अपेक्षा सस्ते राशन डिपो में महंगे दामों पर सामान मिलता है। लेकिन अब इन आयकरदाताओं की संख्या भी कम होगी और यह एपीएल श्रेणी में आ जाएंगे। यहां भी सुक्खू सरकार को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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वहीं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए मोदी कार्यकाल तीन के पहले बजट पर कांग्रेस नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम सुक्खू और प्रतिभा सिंह ने इस बजट को निराशाजनक बताया है। प्रतिभा सिंह ने कहा कि इस बजट में सिर्फ बंटरबांट का काम किया गया है। इस बजट से हिमाचल को कोई फायदा नहीं हुआ।
वहीं मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने केंद्र के बजट पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट असमानता को प्रदर्शित कर रहा है। उन्होंने कहा कि बजट का एक बड़ा हिस्सा बिहार राज्य पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट में हिमाचल प्रदेश के हितों की अनेदखी की गई है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों का और यहां की जनसंख्याओं की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए तत्काल संशोधन करने का आह्वान किया।