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January 25, 2026

हिमाचल Statehood Day: जश्न के बीच कर्मचारियों को DA की उम्मीद, क्या CM देंगे तोहफा?

परागपुर में राज्यत्व समारोह, लाखों कर्मचारियों को DA घोषणा का इंतजार

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statehood day

शिमला/कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश आज अपना 56वां पूर्ण राज्यत्व दिवस मना रहा है। इस बार राज्यस्तरीय समारोह कांगड़ा जिले के ऐतिहासिक परागपुर में आयोजित किया जा रहा है। देहरा उपमंडल के तहत जसवां-परागपुर विधानसभा क्षेत्र में होने वाले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता CM सुखविंदर सिंह सुक्खू करेंगे। परंपरागत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सरकारी उपलब्धियों के प्रदर्शन और सम्मान समारोह के बीच इस बार कार्यक्रम पर प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की निगाहें खास तौर पर टिकी हुई हैं। वजह है, लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता यानी DA, जिस पर आज किसी बड़ी घोषणा की उम्मीद लगाई जा रही है।

कर्मचारियों को उम्मीद

पूर्ण राज्यत्व दिवस आम तौर पर हिमाचल की उपलब्धियों और पहचान का उत्सव होता है, लेकिन इस बार यह दिन सरकार और कर्मचारियों के रिश्तों की दिशा तय करने वाला भी बन गया है। बढ़ती महंगाई, रुकी हुई किस्तें और लगातार होती मांगों के बीच आज का मंच बेहद अहम माना जा रहा है।

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1 जुलाई 2023 से बकाया बाकी

प्रदेश सरकार पर 1 जुलाई 2023 से महंगाई भत्ते का बकाया चला आ रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में DA ही वह एकमात्र सहारा है, जो उनकी गिरती क्रय शक्ति को कुछ हद तक संभाल सकता है।

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ऐसे में पूर्ण राज्यत्व दिवस जैसे बड़े मंच से सरकार कोई राहत भरी घोषणा करेगी, इसी उम्मीद में कर्मचारी और पेंशनर सुबह से ही कार्यक्रम पर नजरें लगाए बैठे हैं। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि अगर आज DA को लेकर कोई ठोस ऐलान होता है, तो यह सिर्फ आर्थिक राहत नहीं, बल्कि सरकार की मंशा का भी संकेत होगा।

कुल 13 फीसदी DA अब भी बकाया

वर्तमान स्थिति की बात करें तो प्रदेश सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों का कुल 13 फीसदी DA बकाया है। 1 जुलाई 2023 से 4 फीसदी DA देय था, जिसमें से सरकार पहले ही 3 फीसदी जारी कर चुकी है, लेकिन उस अवधि का 1 फीसदी DA अभी भी अटका हुआ है।

  • 1 जनवरी 2024 से 4 फीसदी,
  • 1 जुलाई 2024 से 3 फीसदी,
  • 1 जनवरी 2025 से 2 फीसदी,
  • और 1 जुलाई 2025 से 3 फीसदी DA देय है।

इन सभी किस्तों को जोड़ने पर कुल बकाया 13 फीसदी बनता है। कर्मचारी वर्ग लगातार मांग कर रहा है कि सरकार इन किस्तों के भुगतान के लिए स्पष्ट रोडमैप घोषित करे।

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महीनों से चल रही मांग

पिछले कई महीनों से विभिन्न कर्मचारी संगठन ज्ञापन सौंप रहे हैं, बैठकें कर रहे हैं और सरकार के साथ वार्ताएं भी हो चुकी हैं। हर बार आश्वासन तो मिला, लेकिन अंतिम निर्णय सामने नहीं आया। कर्मचारियों का कहना है कि बार-बार सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात कही गई, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत अब तक नहीं पहुंची।

इसी कारण पूर्ण राज्यत्व दिवस को कर्मचारियों ने एक उम्मीद भरे मौके के रूप में देखना शुरू कर दिया है।

 

उनका मानना है कि अगर आज जैसे प्रतीकात्मक दिन पर सरकार DA को लेकर कोई ठोस घोषणा करती है, तो यह कर्मचारियों के मनोबल को मजबूत करेगा और सरकार-कर्मचारी संबंधों में नई ऊर्जा भरेगा।

घोषणा हुई तो भरोसा, नहीं हुई तो बढ़ेगी नाराजगी

अगर आज DA को लेकर सकारात्मक घोषणा होती है, तो इसे सरकार का बड़ा सियासी और प्रशासनिक संदेश माना जाएगा। वहीं, अगर राज्यत्व दिवस जैसे मंच से भी कर्मचारियों को कोई राहत नहीं मिलती, तो इससे असंतोष और तेज हो सकता है।

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कुल मिलाकर, परागपुर में होने वाला आज का समारोह सिर्फ जश्न का मंच नहीं, बल्कि लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों की उम्मीदों की कसौटी बन चुका है। पूरे प्रदेश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री अपने संबोधन में DA को लेकर क्या रुख अपनाते हैं।

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