#राजनीति
July 30, 2025
हिमाचल पुलिस भर्ती के लिए 'चिट्टा' टेस्ट जरूरी, जानें और क्या-क्या हुए कैबिनेट में फैसले
कैबिनेट ने 12 रुपये किया सेब खरीद रेट
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शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को शिमला सचिवालय में आयोजित राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई जनहितकारी और दूरगामी निर्णय लिए गए। बैठक में जहां एक ओर जल शक्ति विभाग में वर्षों से सेवाएं दे रहे जल रक्षकों को स्थायी नियुक्ति देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया, वहीं प्रदेश में मादक पदार्थों पर सख्त नियंत्रण के लिए पुलिस भर्ती में 'चिट्टा' टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके अलावा स्वास्थ्य, परिवहन, आपदा प्रबंधन, दुग्ध प्रसंस्करण और बागवानी क्षेत्रों में भी अनेक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनट ने 31 दिसंबर 2024 तक 12 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके 1386 जल रक्षकों को पंप अटेंडेंट के रूप में जल शक्ति विभाग में नियुक्त करने को मंजूरी दी। यह फैसला उन हजारों जल रक्षकों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो वर्षों से नियमितीकरण की प्रतीक्षा में थे। इस निर्णय से उनकी सेवा स्थिरता के साथ आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी।
राज्य सरकार ने नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा निर्णय लेते हुए पुलिस भर्ती में ‘चिट्टा टेस्ट’ (डोप टेस्ट) को अनिवार्य कर दिया है। साथ ही, सभी नए सरकारी कर्मचारियों को नशे से दूर रहने का एफिडेविट देना होगा। CM सुक्खू ने स्पष्ट किया कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी मादक पदार्थों की गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कैबिनेट बैठक में यह भी बताया गया कि NDPS एक्ट के तहत हिमाचल में सिर्फ 9% केस दर्ज हुए हैं, जबकि पंजाब में यह आंकड़ा 20% के आसपास है। अब तक 42.22 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं- जो नशे से संबंधित मामलों में शामिल लोगों की थी।
राज्य सरकार ने मंडी मध्यस्थता योजना (MIS) 2025 के तहत फलों के खरीद मूल्य तय कर किसानों और बागवानों को राहत दी है। यह निर्णय विशेष रूप से उन किसानों के लिए राहत लेकर आया है जो निजी मंडियों में सही मूल्य न मिलने से परेशान रहते हैं। ये रेट हुए तय-
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी और देहरा विधानसभा क्षेत्र की विधायक कमलेश ठाकुर के क्षेत्र में नया RTO कार्यालय खोलने का निर्णय लिया गया है। कार्यालय के संचालन के लिए जरूरी पदों के सृजन और भरने की भी मंजूरी दी गई है।
प्रदेश के जिला अस्पतालों और चयनित स्वास्थ्य संस्थानों में 18 डे-केयर कीमोथेरेपी सेंटरों को उपकरणों से सुसज्जित करने और स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना से कैंसर रोगियों को अपने ही जिले में उपचार की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें IGMC या अन्य बड़े संस्थानों तक बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
कैबिनेट ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता वाली आपदा प्रबंधन व पुनर्वास उप-समिति की सिफारिशों को मंजूरी दी। प्रमुख सिफारिशें इस प्रकार हैं-