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February 8, 2025
सीएम सुक्खू ने दिल्ली में जिस कांग्रेस प्रत्याशी के लिए किया था प्रचार, जब्त हो गई उसकी जमानत!
सीएम सुक्खू ने अलका लांबा के लिए किया था चुनाव प्रचार, बुरी तरह से हारी
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शिमला। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने दिल्ली में 27 साल बाद जीत दर्ज की है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में हिमाचल के भी कई नेताओं ने स्टार प्रचारक के रूप में दिल्ली में चुनाव प्रचार किया था। इसी कड़ी हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने स्टार प्रचारक बनाया था।
सीएम सुक्खू ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कालका जी सीट के लिए कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था। इस सीट पर कांग्रेस की ओर से अलका लांबा उम्मीदवार बनाई गई थीं। लेकिन अलका लांबा की इस सीट पर बड़ी हार हुई है। अलका लांबा की जमानत भी जब्त हो गई है। इस सीट पर आप की आतिशी ने जीत हासिल की। कालका सीट पर आतिशी और भाजपा उम्मीदवार बिधुड़ी के बीच कांटे की टक्कर हुई।
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कालका जी सीट पर कांग्रेस ने अलका लांबा को टिकट दिया था, जबकि उनके मुकाबले में आम आदमी पार्टी ने आतिशी और भाजपा से रमेश बिधुड़ी को टिकट दिया था। अलका लांबा यहां पर महज तीन फीसदी मत हासिल कर पाई हैं और उन्हें मजह 4300 से अधिक वोट मिले। जबकि आतिशी और बिधुड़ी में कांटे का मुकाबला हुआ और आतिशी 3580 वोटों से जीत गई।
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बता दें कि अलका लांबा कांग्रेस की एक तेज तर्रार नेता रही है। अलका लांबा हिमाचल में भी सुक्खू सरकार की उपलब्धियों का गुणगान करती रही है और महिलाओं को 1500 रुपए देने की भी पैरवीं करती रहीं हैं। लेकिन दिल्ली में वह अपनी जमानत जब्त होने से भी नहीं बचा पाई है। दिल्ली में कांग्रेस पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई है।
सीएम सुक्खूविंदर सिंह सुक्खू ने 28 जनवरी को दिल्ली कालका सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी अलका लांबा के लिए चुनाव प्रचार किया था। इस दौरान उन्होंने दिल्ली में रह रहे हिमाचलियों से भी अलका लांबा के लिए मतदान करने की अपील की थी। सीएम सुक्खू ने आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा था कि आप सरकार ने मुफ्त चीजें देने के वादे किए थे।
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सीएम सुक्खू ने हिमाचल का उदाहरण देते हुए कहा था कि मुफ्त में उन्हें देना चाहिए, जिन्हें जरूरत है। अगर राजनीतिक लाभ के लिए कोई बिजली पानी मुफ्त देने की बात कहता है तो जनता से झूठे वादे करता है। सीएम सुक्खू ने अलका लांबा के पक्ष में वोट करने की अपील करते हुए कहा था कि दिल्ली में कांग्रेस की सरकार बनने पर जनता को हर वह सुविधा मिलेगी, जिसकी वह हकदार है, लेकिन सीएम सुक्खू का यह दावं नहीं चला और अलका लांबा की बड़ी हार हुई।