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June 16, 2025
हिमाचल: एक्सईएन के घर झाड़ू पोछा कर रहे थे सरकारी कर्मी, आ धमके पूर्व मंत्री धवाला
रमेश धवाला ने सरकारी धन के दुरुपयोग के लगाए आरोप
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देहरा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में जलशक्ति विभाग देहरा में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार के इस मामले को उजागर करने वाले नेता अपने आप में ही एक फायर ब्रांड नेता माने जाते हैं। देहरा में जलशक्ति विभाग के एक्सईएन के आवास में दो सरकारी कर्मचारी घरेलू काम करते हुए पाए गए हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब देहरा के पूर्व बीजेपी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रमेश धवाला एक्सईएन के आवास पहुंचे।
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दरअसल पूर्व मंत्री रमेश धवाला सोमवार को जलशक्ति विभाग देहरा के एक्सईएन के सरकारी आवास पर अचानक निरीक्षण के लिए पहुंचे। यहां उन्हें दो सरकारी कर्मचारी घरेलू कार्य जैसे झाड़ू.पोंछा और मरम्मत का काम करते मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कर्मचारी फील्ड में पानी की आपूर्ति जैसी जिम्मेदारियों के लिए तैनात हैं और इन्हें 50 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है, लेकिन इनसे निजी कार्य करवाए जा रहे हैं।
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धवाला ने इस पूरे मामले को जनता के पैसों की खुली लूट बताया और इसे भ्रष्टाचार की श्रेणी में रखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मांग की कि दोषी अधिकारी से इन कर्मचारियों के वेतन की वसूली की जाए और एंटी करप्शन कानून के तहत सख्त कार्रवाई हो।
इस दौरान रमेश धवाला ने जलशक्ति विभाग देहरा और ज्वालामुखी में मल्टी टास्क वर्कर की भर्ती प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तय मेरिट और नियमों की अनदेखी करते हुए अपात्र उम्मीदवारों को नौकरी दी गई, जबकि योग्य और जरूरतमंद युवा दरकिनार कर दिए गए। उन्होंने इसे बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय और उनके भविष्य से खिलवाड़ बताया।
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हालांकि रमेश धवाला ने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके निशाने पर स्पष्ट रूप से ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न रहे। धवाला ने कहा कि अब सरकारी विभागों में वही काम होता है जिसकी चिट्ठी विधायक द्वारा दी जाती है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक बताया और कहा कि आम आदमी को अब अपने छोटे.छोटे कार्यों के लिए भी नेताओं के चक्कर काटने पड़ते हैं।
पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं दी जाती, वे जनता की आवाज बनकर संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मामला नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिसे दबने नहीं दिया जाएगा।
धवाला ने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों को अधिकारी जवाब तक नहीं दे रहे, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगां। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एक्सईएन उनके कॉल्स तक रिसीव नहीं कर रहे, जो दर्शाता है कि कुछ अधिकारी सत्ता के नशे में जनता और जनप्रतिनिधियों को नजरअंदाज कर रहे हैं।